खुशहाल दांपत्य जीवन के लिए करें ये प्रयोग

  • खुशहाल दांपत्य जीवन के लिए करें ये प्रयोग
You Are HereDharm
Sunday, February 23, 2014-6:54 AM

पति-पत्नी से घर बनता है। घर गृहस्थी से सजता है। घर दोनों का होता है। उसे दोनों को मिलकर संवारना होता है। एक भटकता है तो दूसरे को संभालना पडता है। मकान बनाने में समय नहीं लगता। घर बनाने में समय लगता है। पति-पत्नी के रिश्ते को मन, वचन, कर्म और धर्म से निभाना होता है। दाम्पत्य जीवन जीने की आधारशीला है प्रेम, त्याग, समर्पण, सहयोग, सदभावना, संस्कार, सौम्यता, शिष्टाचार, समदृष्टिकोण, क्षमाशीलता आदि सदगुण। ये गुण एक दिन की उपलब्धि नहीं, बल्कि सतत प्रयासों की प्रक्रिया है। दांपत्य जीवन तथा परिवार में प्रेम की पूंजी बढ़ाने के लिए

1 अपना बेड बीम के नीचे नहीं लगाएं। बीम से रिश्तों में अलगाव आता है और रिश्तों में दूरियां बढ़ाता है। अगर बीम के नीचे से बेड को हटाना संभव न हो तो बीम के नीचे बांसुरी अथवा विंड चाईम लटका दें। इससे वास्तु दोष दूर होने के साथ साथ बेडरूम की सुंदरता भी बढ़ेगी।

2 दंपत्ति को जब तक संतान प्राप्ति न हो तब तक उनका बेडरूम उत्तर पश्चिम या उत्तर दिशा के मध्य में होना चाहिए। इससे उनका आपसी प्रेम बढ़ता है और शीघ्र ही संतान प्राप्ति होती है।

3 पति-पत्नी अपने शयन कक्ष में ड्रेसिंग टेबल मत रखें क्योंकि इससे नैगिटिव एनर्जी का संचार होता है। अगर ड्रेसिंग टेबल रखना ही पड़े तो उसे किसी कपड़े से ढक कर रखें। उपयोग में लाते समय ही कपड़े को हटाएं।

4 पति-पत्नी में प्रेम और विश्वास बनाए रखने के लिए तकिए का खोल और बिछावन की चादर को दो तीन दिनों पर बदलते रहें।

5  सुखी वैवाहिक जीवन के लिए प्रतिदिन प्रात: पूजा करते समय शंखनाद करना चाहिए।

6  दाम्पत्य जीवन में प्रेम की वृद्धि के लिए पति द्वारा भोजन करने के बाद उसके बचे भोजन में से निवाला पत्नी अवश्य खाएं किंतु अपने बचे भोजन में से उन्हें न खानें दे।

7 विवाहिता स्त्री अपने दांपत्य सुख के निमित्त नित्य दुर्गा चालीसा के पाठ के साथ उनके 108 नामों का जाप भी अवश्य करें।

9 जल में गुड डालकर सूर्यदेव को अर्ध्य देने से भी दाम्पत्य जीवन सुख से भरपूर रहता है।

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!

Recommended For You