वास्तु अनुसार घर को सजाने का माडर्न तरीका

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Thursday, April 03, 2014-7:02 AM

घर का मुख्य आकर्षण होता है ड्राइंगरूम। जो हर आने जाने वालों को बिठाने का मुख्य स्थान होता है इसलिए इस कमरे में लाइटिंग व्यवस्था का विशेष ध्यान देना चाहिए। ड्राइंगरूम में कॉर्नर लैम्प शेड, शैन्डलियर आदि से सजाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त धीमी रोशनी वाले लैम्प का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। तेल से चलने वाले लैम्पों को प्रयोग में ना लाएं। लम्बे समय तक तीव्र प्रकाश चुभन दे सकता है और आंखों को भारी कर सकता है।

एक या दो कमरे के फ्लैट में ड्राइंग स्पेस काफी कम हो, तो सोफा की अपेक्षा फ्लोर सिटिंग की भी व्यवस्था की जा सकती है। फर्श पर ही मैट्रेस और कुशन्स लगा कर ड्राइंग रूम को स्पेशियस बनाया जा सकता है, यदि मैट्रेस पर बिछाई जाने वाली शीट फ्लोर के कलर से मेल खाती हुई हो तो और भी अच्छा है। ड्राइंग रूम में सोफा रखने के बाद जगह कम पड़ रही हो, तो विशाल काऊच रखने की अपेक्षा पोर्टेबल फोल्डिंग चेयर रखें। घुमावदार सोफा या सैंटर टेबल की अपेक्षा सुंदर फिनिशिंग वाले छोटे आकार के सोफे से ही कमरे को सजाएं।

ड्राइंगरूम हमेशा घर के उत्तर-पूर्व भाग में बनवाएं और यहां का फर्नीचर चोकोर अथवा आयताकार होना चाहिए तथा पश्चिमी या दक्षिणी भाग में स्थापित करें। जिससे बैठने वाले का मुंह पूर्व अथवा उत्तर में होना चाहिए ये अति शुभ रहता है। ड्राइंगरूम का दरवाजा उत्तर दिशा में शुभ प्रभाव देता है मगर पूर्व दिशा में भी दरवाजा रखा जा सकता है परन्तु अन्य किसी भी दिशा में  ड्राइंगरूम का दरवाजा नहीं रखना चाहिए।  टेलीविजन को अग्नि कोण अथवा दक्षिण की दिशा में रखें। कूलर अथवा ए.सी को  पश्चिमी अथवा पश्चिमी – उत्तरी दीवार में लगाएं। बैठक कक्ष की सामने की दीवार रिक्त न छोड़ें उस पर कोई खूबसूरत सा चित्र अथवा तस्वीर लगाएं। ड्राइंगरूम की ढलान उत्तर-पूर्व दिशा की ओर रखें।

जानकार मानते हैं कि हर रंग हर कमरे पर फिट नहीं बैठता इसलिए कुछ रंगों को तो बडी सूझबूझ से ही इस्तेमाल करना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की हर वस्तु हमें पूरी तरह प्रभावित करती है। घर की दीवारों का रंग भी हमारे विचारों और कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। घर के ड्राइंग रूम की दीवारों पर यदि आप पीला रंग करवाते हैं तो वास्तु के अनुसार यह शुभ होता है। पीले रंग को दिमागी गतिविधियां बढ़ाने वाला माना जाता है।

हल्के रंगों का वजन हल्का होता है, जबकि गहरे रंग बहुत भारी होते हैं यानी गहरे रंग जगह घेरते हैं और हल्के रंग जगह बनाते हैं। हल्के रंग कमरे का आकार बड़ा होने का फील देते हैं जबकि डार्क कलर कमरे का आकार छोटा होने का अहसास कराते हैं। अगर आप चाहती हैं कि कमरा बड़ा दिखाई दे तो इसके लिए हल्के रंग का प्रयोग करें और अगर जगह बहुत बड़ी है उसको छोटा दिखाना है तो गहरे रंगों का प्रयोग करें। छत के लिए रंगों का चयन उसकी ऊंचाई को ध्यान में रख कर करना चाहिए। कमरे की ऊंचाई कम हो तो हल्के रंगों का प्रयोग सही रहता है। कमरे की दीवारें सफेद हैं तो कमरे की छत को दूसरा रंग दिया जा सकता है।


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