भोजन करते वक्त किया गया ये काम बनाता है अमीर

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Wednesday, July 19, 2017-12:26 PM

हिंदू शास्त्रों में दैनिक जीवन से संबंधित बहुत सारे नियम निर्धारित किए गए हैं। जिनसे आज की पीढ़ी कोसों दूर होती चली जा रही है। जिससे की वो पतन की ओर बढ़ रही है। इतनी मेहनत करने पर भी वह धन का वो सुख प्राप्त नहीं कर पा रहे जितना वो करना चाहते हैं। इसका एक कारण कहीं न कहीं आपका भोजन भी है। भविष्य पुराण में भोजन को लेकर कुछ सिद्धांत बताए गए हैं, जिनका पालन करने वाला बन जाता है  अमीर।

खाना खाने से पूर्व हाथ अच्छी तरह धोएं, नाखून काट कर रखें। हिंदू धर्म के अनुसार मानव शरीर वायु, अग्नि, जल, आकाश और पृथ्वी से मिलकर बना है और हाथों की अंगुलियां इन तत्वों का प्रतिनिधित्व करती हैं। जब इन पांचों तत्वों के माध्यम से भोजन ग्रहण किया जाता है अर्थात चम्मच की बजाय हाथ से खाना खाया जाता है तो ये हमारे खाने में अवशोषित होकर हमें निरोगी बनाते हैं।


पुराणों के अनुसार अन्न में अन्नपूर्णा मां का वास माना गया है। सनातन धर्म में कोई भी हिंदू भोजन खाने से पूर्व उसे प्रणाम करता है। ताकि जो भोजन करने जा रहे हैं, वह स्वास्थ्य के लिए हितकर हो। फिर अन्नपूर्णा मां को भोजन के लिए धन्यवाद देता है की पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराने के लिए आपका आभार। 


प्राचीन परम्परा के अनुसार खाना हमेशा जमीन पर पालथी मारकर ही खाना चाहिए।  ऐसा करने से मोटापा, अपच, कब्ज, एसीडीटी आदि पेट संबंधी बीमारियों में भी राहत मिलती है। खड़े होकर अथवा मेज कुर्सी पर बैठकर खाना खाने से शरीर में अनेक विकार पैदा हो जाते हैं। इस बात को हमेशा याद रखें कि भोजन करने के बाद क्रोध नहीं करना चाहिए और न ही भोजन के तुरंत बाद व्यायाम करना चाहिए, इससे स्वास्थ्य को नुकसान होता है।


धर्म शास्त्रों के मतानुसार भोजन करने से पूर्व भोजन मंत्र का उच्चारण करना चाहिए। मंत्र की शक्ति से भोजन हमें पूरी ऊर्जा देता है। पाचन तंत्र को भी शक्ति मिलती है।

भोजन मंत्र
ऊं सहनाववतु, सहनौ भुनक्तु सह वीर्यम् करवाव है
तेजस्विनावधीतमस्तु मा विद्विषाव है।
ऊँ शान्ति: शान्ति: शान्ति:।


भोजन एक स्थान पर बैठकर करें, जरूरत का सारा सामान पास रखकर खाना आरंभ करें। बीत में बार-बार उठन से धन हानि होती है। 


छोड़ा हुआ भोजन दोबारा खाने वाले की आयु कम होती है।


अधिक भोजन करने से उम्र घटती है।


झूठा भोजन न तो खाएं और न किसी को दें। 


भोजन करने के बाद हाथ धोकर कुल्ला जरूर करें।


प्रसन्न होकर खाना खाएं, दुखी होकर या भोजन में कमियां निकालने से अन्नपूर्णा मां का अपमान होता है। 


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