सोम दुर्गाष्टमी: इस मुहूर्त में करें पूजन, जमीन जायदाद व सुख-सुविधा में होगी वृद्धि

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Sunday, November 26, 2017-1:33 PM

कल सोमवार दि॰ 27.11.17 को मार्गशीर्ष शुक्ल अष्टमी पर सोम दुर्गाष्टमी पर्व मनाया जाएगा। भविष्य पुराण के उत्तर-पूर्व में दुर्गाष्टमी पूजन हेतु श्रीकृष्ण व युधिष्ठिर का संवाद है जिसमें दुर्गाष्टमी पूजन का स्पष्ट वर्णन है। दुर्गाष्टमी पूजन प्रत्येक युग, कल्पों व मन्वंतरों में किया जाता था। पौराणिक मतानुसार दुर्गम राक्षस के डर से तीनों लोक भयभीत थे। ऐसी विपत्ति के समय शिव की शक्ति मूल प्रकृति नें देवी दुर्गसैनी नाम से अवतार लेकर दुर्गमासुर का वधकर जनमानस की रक्षा की थी। इसी कारण इन्हें दुर्गा कहते हैं। शास्त्रनुसार प्रत्येक माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी पर मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाती हैं। इस दिन आदिशक्ति भवानी का प्रादुर्भाव भी हुआ था। इसी कारण हर शुक्ल अष्टमी को वार अनुसार आद्य शक्ति की दुर्गा, काली, भवानी, जगदंबा, दुर्गा, गौरी, पार्वती आदि रूपों की पूजा की जाती हैं। महादेवी को वार अनुसार उबले चने, हलवे व खीर आदि का भोग लगाया जाता हैं। सोमवार होने के कारण महादेवी के पार्वती स्वरूप का पूजन होगा। सोम दुर्गाष्टमी के विशेष पूजन, व्रत व उपाय से जमीन जायदाद में लाभ मिलता है, सुख-सुविधा में वृद्धि होती है, जीवन में ऐश्वर्य आता है। 


पूजन विधि: प्रातः में माता पार्वती का दशोंपचार पूजन करें। शुद्ध घी का दीप करें, चंदन से धूप करें, सफेद फूल, अक्षत, व शक्कर चढ़ाएं, खीर का भोग लगाएं। तथा सफेद चंदन की माला से 108 बार इस विशिष्ट मंत्र को जपें। पूजन के बाद भोग किसी स्त्री को भेंट करें।

 

पूजन मुहूर्त: प्रातः 09:35 से प्रातः 10:35 तक। 

पूजन मंत्र: ॐ शाम्भव्यै नमः॥

 

उपाय
जमीन जायदाद में लाभ हेतु महादेवी पर चढ़ा दूध मिट्टी पर बहाएं।


सुख-सुविधा में वृद्धि के लिए देवी पार्वती पर रातरानी का इत्र चढ़ाएं।


श्वर्य की प्राप्ति के लिए देवी पार्वती पर चढ़ा चांदी का चौकोर टुकड़ा पर्स में रखें।


आचार्य कमल नंदलाल
ईमेल: kamal.nandlal@gmail.com

Edited by:Aacharya Kamal Nandlal
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