श्री कृष्ण जन्माष्टमी: कब मनाई जाएगी 14-15 अगस्त

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Friday, August 11, 2017-12:15 PM

भारतीय धर्म-शास्त्रों में एक बात कही गई है कि जब-जब धरती पर पाप बढ़ता है तब-तब भगवान किसी न किसी रूप में जन्म लेते हैं और पापों से विश्व को मुक्त करवाते हैं। इसी तरह द्वापर युग में भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में जन्म लेकर धरती को कंस नामक पापी राक्षस से मुक्ति दिलाई थी। भगवान कृष्ण के जन्म दिवस को ही हिंदू धर्म में जन्माष्टमी के पर्व के तौर पर मनाया जाता है।


मान्यता है कि द्वापर युग के अंतिम चरण में भाद्रपद माह के कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। इसी कारण शास्त्रों में भाद्रपद कृष्ण अष्टमी के दिन अद्र्धरात्रि में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने का उल्लेख मिलता है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म पर मनाया जाने वाला पावन पर्व जन्माष्टमी भारत भूमि पर मनाया जाने वाला ऐसा त्यौहार है जिसे अब सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में कई स्थानों पर बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। 


इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर कृष्ण भक्तों में असमंजस की स्थिती बनी हुई है। कब मनाएं बाल गोपाल का जन्मदिन, ज्योतिष विद्वानों के अनुसार


14 अगस्त सोमवार श्री कृष्ण जन्माष्टमी व्रत स्मार्तों (गृहस्थियों) के लिए, चंद्रमा रात 11 बज कर 39 मिनट पर उदय होगा, श्री कृष्ण भगवान जी की जयंती, श्री कृष्ण जन्मोत्सव, मेला श्री कृष्ण जन्म अष्टमी (रामबन, जम्मू-कश्मीर) मनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त आएंगे ये त्यौहार श्री शीतला सप्तमी, पुत्र व्रत, दश महाविद्या श्री महाकाली (श्री आद्याकाली) जयंती, मासिक काल अष्टमी व्रत और श्रावण मास का आखिरी सोमवार व्रत।
 

15 अगस्त मंगलवार को श्री कृष्ण जन्म अष्टमी व्रत वैष्णवों (संन्यासियों) के लिए, चंद्रमा रात्रि 12 बज कर 30 मिनट पर उदय होगा। भगवान श्री कृष्ण जी का जन्म महोत्सव मथुरा में भी आज के दिन मनाया जाएगा। जो भक्त 14 अगस्त को बाल गोपाल का जन्मदिन मना चुके हैं, वह गोकुल अष्टमी नंद उत्सव मनाएंगे। इसके अतिरिक्त इस दिन स्वतंत्रता दिवस (आजादी की 71वीं वर्षगांठ) , संत ज्ञानेश्वर जी की जयंती और मंगला गौरी व्रत भी मनाया जाएगा।

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