उज्जैन में है अखंड ज्‍योति मंदिर, दर्शन मात्र से मिलती साढ़ेसाती से मुक्ति 

  • उज्जैन में है अखंड ज्‍योति मंदिर, दर्शन मात्र से मिलती साढ़ेसाती से मुक्ति 
You Are HereDharmik Sthal
Monday, October 17, 2016-9:28 AM

उज्जैन के अखंड ज्योति मंदिर में भक्तों को हनुमान जी के चमत्कार दिखाई देते हैं। मंदिर में एक अोर प्रज्वलित अखंड ज्योत के दर्शन कर आटे का दिया जलाने से साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाती है वहीं अन्य मनोकामनाअों के लिए भक्त हनुमान जी को भिन्न-भिन्न प्रकार का भोग लगाते हैं। भक्तों का बजरंगबली के दरबार में हाजिरी लगाने की रिवाज भी अनोखा है। राम भक्त हनुमान अपने भक्तों की विनती सुनकर उनका कल्याण करते हैं। 

 

यहां पर हनुमान जी की सिंदूरी प्रतिमा स्थापित है। उनके पैरों के नीचे दबी लंकिनी राक्षसी उनके पराक्रम की कहानी सुनाती है। कहा जाता है कि लक्ष्मण को बचाने के लिए जब हनुमान जी संजीवनी ला रहे थे तो लंकिनी नामक राक्षसी ने उनका मार्ग रोका था। उस समय हनुमान जी लंकिनी को अपने पैरों के नीचे दबाकर आगे बढ़ गए थे। इस मंदिर में पवन पुत्र हनुमान के उसी स्वरूप के दर्शन होते हैं, जहां उनके पैरों के नीचे लंकिनी राक्षसी है। हनुमान जी की ये प्रतिमा दक्षिणामुखी है। इस प्रतिमा में उनके एक हाथ में संजीवनी तो कंधे पर गदा सुशोभित है। उनके हाथों में बाजूबंद, पांव में पाजेब अौर कलाई में कड़े पहने हुए हैं। हनुमान जी के इस स्वरूप के दर्शन मात्र से ही भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। 

 

मंदिर में प्रज्वलित अखंड दीपक हनुमान जी के चमत्कार की कहानी सुनाता है। कहा जाता है कि साढ़ेसाती से परेशान श्रद्धालु मंदिर में आकर इस दीपक के दर्शन कर लें अौर यहां आटे का दीपक जला दें तो उन्हें शनिदेव के प्रकोप से मुक्ति मिल जाती है। 

 

इस मंदिर में राम भक्त हनुमान को कई प्रकार के प्रसाद चढ़ाए जाते हैं। कहा जाता है कि यहां भक्त अपनी मनोकामना प्रसाद के माध्यम से लेकर आते हैं। यदि किसी को झगड़े, मुकद्दमों से मुक्ति चाहिए तो यहां पर एक नारियल अर्पित करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिल जाती है। इसी प्रकार संतान की कामना रखने वाले यहां अपनी शक्ति और भक्ति के अनुसार 1, 2 या 5 लीटर तेल अखंड ज्योति में चढ़ाने का संकल्प लेते हैं। यहां पर हनुमान जी को विशेषतौर पर रोट के प्रसाद का भोग लगाया जाता है। कहा जाता है कि जिन श्रद्धालु की मनोकामना पूर्ण होती है वे यहां आकर आटे में गुड़ मिलाकर रोट का प्रसाद तैयार करते हैं और हनुमान जी को भोग लगाते हैं।

 

मंदिर में प्रतिदिन होने वाली आरती का गवाह बनने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती है। कहा जाता है कि बल, विद्या और बुद्धि का वरदान पाने के लिए यहां हनुमान के संग उनकी दायीं ओर रखी हुई चंदन की गदा के दर्शन करना भी आवश्यक है। यहां मंगलवार और शनिवार को पूजा करने का विशेष महत्व है। देश के कोने-कोने से हजारों भक्त राम भक्त हनुमान के दर्शनो के लिए आते हैं अौर उनका आशीर्वाद पाते हैं।


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