भुट्टो की हत्या में तालिबान का हाथ होने पर कयानी को है संदेह

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Tuesday, August 20, 2013-8:18 PM

इस्लामाबाद: पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या पाकिस्तानी तालिबान द्वारा किए जाने के पूर्व सेना प्रमुख परवेज मुशर्रफ के दावे पर वर्तमान सेना प्रमुख जनरल अश्फाक परवेज कयानी ने संदेह व्यक्त किया है।

बेनजीर भुट्टो की हत्या के मामले की जांच करने वाले संयुक्त राष्ट्र के पैनल के प्रमुख और चिली के राजनयिक हेराल्डो मुनोज ने यह यह बातें कही हैं।

कयानी ने संकेत दिए हैं कि उन्हें भुट्टो की हत्या की साजिश पाकिस्तानी तालिबान के दिवंगत प्रमुख बैतुल्ला महसूद द्वारा किए जाने के सरकारी दावे पर आश्चर्य है। भुट्टो की हत्या के अगले दिन 27 दिसंबर 2007 को संवाददाता सम्मेलन के दौरान विदेश मंत्रालय के तत्कालीन प्रवक्ता ने दावा किया था कि हत्या की साजिश महसूद ने रची थी।

पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की सरकार ने अपने दावे का आधार महसूद और एक अन्य व्यक्ति के बीच हुई बातचीत को बनाया था। इस संदेश को आईएसआई ने बीच में सुना था ।
कयानी ने कहा कि मुशर्रफ सरकार का संवाददाता सम्मेलन ‘असामयिक’ था। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा नहीं किया जाना चाहिए था।’’

सेना प्रमुख ने कहा कि सिर्फ फोन पर की गई बातचीत को बीच में सुन लेने के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

राजनयिक मुनोज ने अपनी नई पुस्तक ‘गेटिंग अवे विद मर्डर’ में लिखा है, हत्या के बाद रावलपिंडी पुलिस के काम को भी कयानी पेशेवर नहीं मानते हैं।

भुट्टो की हत्या के कुछ ही घंटे के भीतर मौका-ए-वारदात को पानी के धोने की पुलिस की कार्रवाई का हवाला देते हुए कयानी ने उपरोक्त बात कही। भुट्टो की वर्ष 2007 में एक चुनावी रैली के बाद रावलपिंडी में हत्या कर दी गई थी।


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