चीनी घुसपैठ रोकने के लिए नहीं मांगी अमरीका से मदद : मेनन

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Wednesday, August 21, 2013-10:47 PM

वाशिंगटन: भारत ने लद्दाख में सीमा पर चीनी घुसपैठ के मुद्दे से निपटने के लिए अमरीकी मदद हासिल किए जाने से इन्कार किया है और साथ ही जोर देकर कहा है कि वह अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने में खुद पूरी तरह सक्षम है।  राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने अपनी  अमरीकी यात्रा की समाप्ति पर कहा, ‘‘भारत की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करना एक स्वायत्त कार्रवाई है। हम अपने हितों की रक्षा के लिए दूसरों से मदद मांगने के लिए इधर-उधर नहीं भागते। हम एक स्वतंत्र राष्ट्र हैं।’’ मेनन ने अपनी अमरीका यात्रा के दौरान ओबामा प्रशासन के शीर्ष अमरीकी अधिकारियों से मुलाकात की। कश्मीर नीति और भारत-पाक के बीच मध्यस्थता से बार-बार इन्कार करने के लिए मेनन ने ओबामा प्रशासन की सराहना की।

द्विपक्षीय संबंध बिगड़ सकते हैं
: सीमा पर चीनी सेना का अतिक्रमण जारी रहने पर भारत ने चीन को चेतावनी दी है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और अमन में खलल पडऩे से द्विपक्षीय संबंध बिगड़ सकते हैं। चीन में भारत के राजदूत एस. जयशंकर ने यहां भारत-चीन संबंध पर एक संगोष्ठी में इस बात पर बल दिया कि सीमा पर किसी भी खलल का प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

मनमोहन-ओबामा में मुलाकात 27 सितम्बर को:
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अगले माह 27 सितम्बर को व्हाइट हाऊस में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाकात करेंगे और इस दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय संबंध आगे बढ़ाने के लिए रूपरेखा तैयार करेंगे। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन के कल अपनी अमरीकी समकक्ष सुजैन राइस और रक्षा मंत्री चक हेगल से मुलाकात करने के बाद यह घोषणा की गई।


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