भारत के साथ संबंध बेहद महत्वपूर्ण: अमेरिकी सीनेटर

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Wednesday, September 25, 2013-9:43 AM

वाशिंगटन:  अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच इस सप्ताह व्हाइट हाउस में होने वाली बैठक से पहले अमेरिका के तीन शीर्ष सीनेटरों के एक द्विदलीय समूह ने कहा है कि भारत के साथ मजबूत संबंध अमेरिकी हित के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अमेरिका यात्रा का स्वागत करते हुए सीनेटर मार्क वार्नर, जॉन कार्नी और रॉबर्ट मेनेंडेज ने एक प्रस्ताव पेश किया, जिसमें कहा गया है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती की प्रबल संभावना है।

इस प्रस्ताव में सांझेदारी में हुई प्रगति पर टिप्पणी करते हुए कहा गया है कि आर्थिक सुधार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए नए मार्ग खोले हैं। इसमें यह भी माना गया है कि आगे का उदारीकरण दोनों देशों की समृद्धि में इजाफा कर सकता है। इसमें कहा गया है कि दोनों नेताओं के बीच होने वाली बैठक में आर्थिक उदारीकरण, एफडीआई के लिए नए रास्ते खोलने, द्विपक्षीय निवेश समझौतों की प्रगति जारी रखने और भारत-अमेरिकी असैन्य परमाणु समझौते को लागू करने पर चर्चा होनी चाहिए।

सीनेट इंडिया कॉकस के सह अध्यक्ष वार्नर ने कहा, ‘‘अमेरिका और भारत के बीच के संबंधों को दोस्ती से एक सच्ची सांझेदारी में तब्दील करने की दिशा में हमने उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन हमें इनमें से कई नीतियों को लागू करना होगा, जिन पर पिछले कई वर्षों से चर्चा चल रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे आशा है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ होने वाली बैठक हमें वह अवसर प्रदान करेगी।’’

सीनेट इंडिया कॉकस के सह अध्यक्ष कार्नी ने कहा कि भारत और अमेरिका की लोकतंत्र, सुरक्षा, समृद्धि और कानून व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धताएं हैं और इसने बढ़ती अर्थव्यवस्था तथा सुरक्षा संबंधों के आधार का निर्माण किया है। वहीं सीनेट की शक्तिशाली विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष सीनेटर मेनेंडेज ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच की सांझेदारी मजबूत होती रहेगी और मनमोहन की यात्रा दोनों देशों के बीच के करीबी रिश्ते को प्रतिबिंबित करती है।





 


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