पाकिस्तानी तालिबान से बातचीत के लिए शरीफ ने बताईं शर्तें

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Friday, September 27, 2013-3:51 AM

इस्लामाबाद: तालिबान के साथ शांति वार्ता की शर्तें तय करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आज कहा कि आतंकवादियों को हिंसा छोडऩी होगी और सरकार के साथ किसी तरह की बातचीत से पहले देश के संविधान को मानना होगा।

शरीफ ने यह आशंका भी जताई कि लगातार अमेरिकी ड्रोन हमलों से पाकिस्तानी तालिबान से बातचीत करने की उनकी नीति कमजोर होगी। पाक तालिबान अल-कायदा से जुड़ा हुआ संगठन है। शरीफ ने वाल स्ट्रीट जर्नल को दिये साक्षात्कार में कहा, ‘‘बातचीत शुरू होने के बाद भी जाहिर है कि हम उन्हें (ड्रोनों को) बातचीत को प्रभावित करने की क्षमता रखने वाला मानेंगे जिनसे हर कीमत पर बचा जाना चाहिए।’’

शरीफ सरकार ने पाकिस्तानी तालिबान के साथ शांति वार्ता की पेशकश की है लेकिन कुछ हमलों के कारण ये अधर में चले गए हैं। शरीफ ने साक्षात्कार में आतंकवादियों के लिए कुछ शर्तें बताईं। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को आतंकवाद छोडऩा होगा। उन्हें पाकिस्तान के संविधान को मानना होगा। शरीफ ने कहा, उनकी ओर से अकसर कहा जाता है कि वे देश के संविधान को नहीं मानते। लेकिन संविधान को मानना होगा।


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