भारतीय मूल के वैज्ञानिक ने रोबोटों के लिए विकसित किया ‘दिमाग’

  • भारतीय मूल के वैज्ञानिक ने रोबोटों के लिए विकसित किया ‘दिमाग’
You Are HereInternational
Sunday, September 29, 2013-2:32 PM

वाशिंगटन: अमेरिका में भारतीय मूल के एक वैज्ञानिक ने एक नया फीडबैक सिस्टम विकसित किया है जिसके माध्यम से रोबोट न्यूनतम निगरानी के साथ अपना कामकाज कर सकते हैं। इससे अंतत: रोबोट जैसी मशीनों को स्वायत्त तरीके से काम करने में सक्षम बनाने की दिशा में बढ़ा जा सकता है। इस प्रणाली से भविष्य में ऐसे रोबोट की संभावना पैदा हुई हैं जो अपने लिए खुद सोच सकता है, सीख सकता है और ग्रहण कर सकता है।
 
मिसुरी यूनिवर्सिटी आफ साइंस एंड टेक्नोलोजी से ताल्लुक रखने वाले डा. जगन्नाथन सारंगपाणि ने मौजूदा रोबोटो का इस्तेमाल किया है और त्रुटि सहिष्णु नियंत्रण डिजाइन पेश किया है, जो रोबोट को सौंपे गए किसी कार्य को संपन्न करने में उसकी दक्षता में सुधार करता है। इस नए फीडबैक सिस्टम से यह संभव होगा कि यदि लीडर रोबोट का सिस्टम या मशीन ठप हो जाती है तो उसके पीछे आ रहा रोबोट उस लीडर रोबोट की भूमिका किसी इंसान की तरह खुद ही ग्रहण कर लेगा।

इसमें यदि लीडर रोबोट में कोई समस्या आ जाती है तो त्रुटि सहिष्णु नियंत्रण डिजाइन अपने आप सक्रिय हो जाएगा। सारंगपानी ने बताया,‘‘ कल्पना कीजिए कि दूर दूर कार्यरत दस बुलडोजरों को नियंत्रित करने के लिए कार्यालय में आपके पास एक आपरेटर है। इस प्रक्रिया में यदि एक बुलडोजर में तकनीकी खराबी आ जाती है तो हार्डवेयर यह सुनिश्चित करेगा कि काम जारी रहे ।’’ इस नए शोध को रोबोटिक सुरक्षा प्रणाली, खनन और यहां तक कि हवाई निगरानी में भी इस्तेमाल किया जा सकता है ।


 


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You