जर्मनी बना मध्यलिंगी बच्चों को पहचान देने वाला पहला यूरोपीय देश

  • जर्मनी बना मध्यलिंगी बच्चों को पहचान देने वाला पहला यूरोपीय देश
You Are HereInternational
Saturday, November 02, 2013-2:50 PM

बर्लिन: जर्मनी मध्यलिंगी बच्चों की पहचान को मान्यता देने वाला यूरोप का पहला देश बन गया है। अब यहां बालक अथवा बालिका की स्पष्ट पहचान के साथ जन्म नहीं लेने वाले बच्चों को मध्यलिंगी की श्रेणी में रखा जाएगा। सूत्रों ने बताया कि देश के नए कानून के तहत नर अथवा मादा के स्पष्ट लक्षणों के बगैर पैदा हुए मध्यलिंगी बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र में लिंग का उल्लेख किए बगैर पंजीकरण कराया जा सकेगा।

अब ऐसे बच्चों के माता-पिता जन्म प्रमाण पत्र में लिंग के स्थान पर 'अनिर्धारित' अथवा 'अनिर्दिष्ट' लिख सकेंगे। इस कानून से उन माता- पिता को काफी राहत मिलेगी, जो इस तरह के बच्चे पैदा होने की सूरत में जल्द से जल्द नवजात की लिंग निर्धारण सर्जरी कराने जैसे कदम उठाने पर मजबूर हो जाते थे। यह कानून  मध्यलिंगी बच्चों को कानूनी मान्यता प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You