भारतीय बच्चों को मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत: पॉल

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Tuesday, November 12, 2013-2:39 PM

लंदन: प्रमुख अप्रवासी भारतीय उद्योगपति लार्ड स्वराज पॉल ने कहा है कि भारत को अपने बच्चों की मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं और उनके कल्याण पर बहुत अधिक ध्यान देने की जरूरत है, जिनमें कुपोषण, नवजात शिशु और मातृत्व मृत्यु दर मुख्य मुद्दे हैं। रायल कॉलेज आफ पिडियाट्रिक्स एंड चाइल्ड हेल्थ (आरसीपीसीएच) और इंडियन अकेडमी आफ पिडियाट्रिक्स (आईएपी) के संयुक्त सम्मेलन को संबोधित करते हुए बीती रात लार्ड पॉल ने कहा, "किसी भी अन्य देश के मुकाबले भारत को, मेरे हिसाब से जो सबसे अधिक जरूरी है, वह है अपने बच्चों की मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं और उनके कल्याण पर बहुत अधिक ध्यान देना ।"

उन्होंने कहा, "कुपोषण तथा ग्रामीण स्तर पर नवजात और मातृत्व मृत्यु दर जैसे मुद्दों से निपटने के लिए संसाधनों में समन्वय स्थापित किया जाना चाहिए। हमें इन गांवों में महिला शिक्षा पर भी ध्यान देने की जरूरत है। बच्चों की शुरूआती देखभाल उनकी माताओं, दादी, नानी, बुआ, चाची और बहनों द्वारा की जाती है और बच्चों में सकारात्मक स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।" यूनीसेफ के ताजा आंकड़ें बताते हैं कि दुनियाभर में प्रत्येक तीन में से एक कुपोषित बच्चा भारत में पाया जाता है, जबकि देश में पांच साल से कम उम्र के 42 फीसदी बच्चे कम वजन के हैं। आंकड़ें यह भी दिखाते हैं कि पांच साल से कम उम्र के 58 फीसदी बच्चों का विकास अवरूद्ध है ।
 


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