भारतीय उद्यमी अगला गूगल बना सकते हैं : श्मिट

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Wednesday, November 20, 2013-2:47 PM

न्यूयार्क: भारत के उद्यमी नव-प्रवर्तकों में अगला गूगल बनाने की क्षमता बशर्ते देश की नीतियां सही हों और अपने करोड़ों नागरिकों को इंटरनेट की सुविधा प्रदान कर सके। यह बात गूगल के कार्यकारी चेयरमैन एरिक श्मिट ने कही। वैश्विक परामर्श कंपनी मैकिंजी द्वारा संपादित एक किताब में श्मिट ने भारत को इंटरनेट के मामले में फिसड्डी करार दिया और कहा कि उन्हें लगता है कि भारत अभी वहां जहां अमेरिकी 1994 - गूगल के जन्म से चार साल पहले - के आस-पास था।

उन्होंने कहा कि ाारत को शहरों और कस्बों में इंटरनेट का प्रसार करना चाहिए जिसका उसकी अर्थव्यवस्था और समाज पर सकारात्मक असर होगा। गूगल के पूर्व मुय कार्यकारी ने कहा कि उन्होंने सिलिकॉन वैली में अपने आसपास ाारत के लोगों की रचनात्मक क्षमता देाी है। सिलिकॉन वैली में 40 प्रतिशत नयी कंपनियां भारतीय मूल के उद्यमियों की है। उन्होंने कहा ‘‘अंदाजा लगाइए कि यदि भारत के उद्यमी नव-प्रवर्तक बिना देश बड़ी वैश्विक कंपनियां बनाने में कामयाब होते हैं तो क्या होगा। वे दुनिया बदल देंगे। इंटरनेट पर केंद्रित सैकड़ों कंपनियों की स्थापना होगी और सिर्फ भारतीय उपाोक्ताओं, भारतीय रचि और, भारतीय शैली पर ध्यान केंद्रित कर सफल होंगी।’’

उन्होंने कहा ‘‘क्या उनसे से कोई कंपनी अगली गूगल बन सकती हैं? बिल्कुल।’’ श्मिट ने कहा ‘‘ऐसे कुछ समय तक नहीं होगा। लेकिन यदि भारत की नीतियां सही होती है ते हम जल्द देोंगे कि भारतीय इंजीनियर औ छोटे कारोबार भारतीयों की समस्या का समाधान कर रहे हैं और फिर निर्यात करते हैं।’’ भारत की कुल आबादी 1.2 अरब है जिनमें से 60 करोड़ मोबाइल फोन धारक हैं लेकिन इंटरनेट कनेक्शन करीब 15 करोड़ के पास है।


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