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दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधी के 1913 के मार्च की याद ताजा की गई

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Wednesday, December 04, 2013-2:48 PM

जोहानिसबर्ग: दक्षिण अफ्रीका में भेदभावपूर्ण कानूनों के खिलाफ महात्मा गांधी के नेतृत्व वाले 1913 के मार्च की शताब्दी मनाने के लिए सैंकड़ों लोग जुटे और इसकी याद ताजा करने के लिए एक मार्च निकाला। इस ऐतिहासिक अवसर पर डर्बन से न्यूकैसल के लिए एक रेलगाड़ी चलाई गई जो पाइटरमारिट्जबर्ग, लेडीस्मिथ और अन्य शहरों से गुजरी। मार्च में हिस्सा लेने के लिए सैंकड़ों लोगों ने अपना सफर शुरू किया जो रविवार को 1.30 बजे रात में पहुंचने के लिए डर्बन से रात में करीब 2 बजे चले।

 

छह किलोमीटर लंबा मार्च चार्ल्सटाउन से चला और वोक्सरस्ट कारावास पहुंचा। गांधी जी और उनके अनुयायियों ने 100 साल पहले भेदभाव करने वाले कानूनों पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए यह रास्ता चुना था। महात्मा गांधी ने जिन कानूनों का विरोध किया था उनमें भारतीय अनुबंधित श्रमिकों पर तीन पाउंड का कर लगाना और हिंदू एवं मुस्लिम विवाह का निरस्तीकरण शामिल थे।

 

महात्मा गांधी के मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों ने तत्कालीन नटाल प्रांत से ट्रांसवाल प्रांत में प्रवेश कर गिरफ्तारियां दी। उस समय नटाल प्रांत से ट्रांसवाल प्रांत में भारतीयों के प्रवेश पर रोक लगी थी और उन्हें उसके लिए सरकार को इजाजत लेनी होती थी।

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