आलस नहीं इनका कुछ और कारण है बच्चा न पैदा करने का

  • आलस नहीं इनका कुछ और कारण है बच्चा न पैदा करने का
You Are HereInternational
Tuesday, December 10, 2013-1:22 PM

नई दिल्ली: चिकित्सीय या मनोवैज्ञानिक नज़रिए से, समलैंगिक होना पूरी तरह सामान्य है। समलैंगिकता प्रकृति का हिस्सा है, और केवल मनुष्य ही नहीं बल्कि बहुत सारे जानवरों की प्रजातियों जिनमें कीट, मछलियां एवं स्तनधारी जीव शामिल हैं - हाथियों, डाल्फि़न, भालुओं, भैसों में भी समलैंगिक रिश्ते पाए गए हैं।

लेकिन कुछ जानवर समलैंगिक नहीं होते, पर किन्हीं हालात के चलते वे ऐसा कर लेते हैं। ऐसी ही एक अनोखी घटना हाल ही में सामने आई। आपने स्लोद्स नाम के जानवर के बारे में सुना होगा। इनके पंजे काफी नुकीले होते हैं और व्यवहार में बेहद आलसी और सुस्त होते हैं। उनके इसी आलसी व्यवहार के चक्कर में एक अजीबो-गरीब घटना घट गई। हालांकि गलती उनकी खुद की नहीं थी, बल्कि चि‌ड़ियाघर के कर्मचारियों की थी, जो मादा और नर में अंतर नहीं कर सके।

सोफिया और ट्यूपी नामक स्लोद्स भी काफी आलसी हैं। ड्रुसिलास पार्क के स्टाफ को भी यही लगा कि आलस के वजह से ही दोनों 2011 से कभी बच्चे पैदा नहीं कर सके। इसलिए स्टाफ ने उन दोनों के बीच संबंध बनवाने का फैसला किया, लेकिन उन्होनें गलती से नर और मादा के बीच संबंध बनवाने के बजाए दो नरों के बीच संबंध बनवा दिए।

दरअसल वो गलती जिसके चलते यह सब परेशानी हुई, वह थी मेडिकल रिकॉर्ड। जी हां, मेडिकल रिकॉर्ड के अनुसार एक नर स्लोद को मादा मान कर उसका नाम सोफिया रख दिया गया। अब चिड़ियाघर संरक्षक मार्क केनवर्ड ने इस स्लोद का नाम बदलने का फैसला लिया है।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You