अमेरिका रजामंदी से समलैंगिक लिंग के बीच सेक्स को अपराध बताने के पक्ष में नहीं

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Thursday, December 12, 2013-1:20 PM

वाशिंगटन: समलैंगिक सेक्स को गैरकानूनी बताने वाले, भारत के उच्चतम न्यायालय के फैसले पर चिंता जाहिर करते हुए अमेरिका ने कहा है कि समान लिंग वाले दो वयस्कों के बीच आपसी रजामंदी से सेक्स को अपराध ठहराए जाने के किसी भी कदम का वह विरोध करता है।

विदेश विभाग की प्रवक्ता जेन साकी ने कल कहा, ‘‘हम इस तरह की किसी भी कार्रवाई का विरोध करते हैं, जो समान लिंग वाले वयस्कों के बीच आपसी सहमति के सेक्स को अपराध बताता है। एलजीबीटी अधिकार मानवाधिकार है। हम सभी सरकारों से दुनिया भर में एलजीबीटी लोगों की समानता के लिए आह्वान करते हैं। इन मुद्दों को लेकर हम लगातार भारत और अन्य देशों के साथ संपर्क में हैं। इस संबंध में भविष्य में किसी विमर्श या बैठक के बारे में, मैं कुछ खास नहीं बता सकती।’’

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह भारत सरकार पर निर्भर है कि वह समलैंगिक समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए क्या कदम उठाती है अथवा क्या फैसला करती है। बहरहाल, एक शीर्ष अमेरिकी एलजीबीटी संगठन ने उच्चतम न्यायालय के ताजा फैसले के विरोध में भारत में इस अधिकार के लिए लडऩे वालों का समर्थन किया है।
 


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