अब एजेंडे में होगा घरेलू कर्मियों के रोजगार का मुद्दा: अमेरिका

  • अब एजेंडे में होगा घरेलू कर्मियों के रोजगार का मुद्दा: अमेरिका
You Are HereInternational
Wednesday, December 25, 2013-12:42 PM

वाशिंगटन: अमेरिका ने आज कहा कि घरेलू कर्मियों के रोजगार का मुद्दा अब भारत के साथ द्विपक्षीय बातचीत के एजेंडे में होगा, जिसके साथ यह 14 दिन पुराने राजनयिक विवाद के समाधान की दिशा में आगे बढऩे के लिए चर्चा कर रहा है।

अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘‘विदेश विभाग तात्कालिक मामले में आगे का रास्ता निकालने के लिए भारत सरकार के साथ वार्ता कर रहा है,’’ जबकि इसने न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास से देवयानी खोबरागड़े का तबदाला संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई मिशन में किए जाने के आवेदन पर समीक्षा जारी रखी।

अधिकारी ने कहा, ‘‘बहरहाल, हम बड़े मुद्दों को सुलझाने की आवश्यकता को मानते हैं। घरेलू कर्मियों के रोजगार का मुद्दा आगमी हफ्तों और महीनों में द्विपक्षीय चर्चा के एजेंडे में होगा।’’ दोनों देशों के अधिकारी मुद्दे के समाधान के लिए लगातार बातचीत कर रहे हैं। इस मुद्दे ने द्विपक्षीय संबंधों के लिए बाधा खड़ी कर दी है।

विदेश विभाग के अधिकारी की टिप्पणी भारत द्वारा जवाबी कार्रवाई के तहत खास श्रेणी के अमेरिकी राजनयिकों को दी गई छूट कम किए जाने और उनके परिवार के सदस्यों को दी गई छूट वापस लिए जाने के बाद आई है। भारत में चार वाणिज्य दूतावासों के अमेरिकी वाणिज्य दूत अधिकारियों को नए पहचान पत्र जारी किए जा रहे हैं, जिनमें उन्हें सीमित छूट दी जा रही है। यह छूट उन्हें गंभीर अपराध की स्थिति में नहीं बचा पाएगी। यह कदम अमेरिका में भारत के वाणिज्य दूत अधिकारियों को मिली सीमित छूट के ही अनुरूप है।

देवयानी के वकील डेनियल अरशाक ने कहा कि जांच एवं देवयानी की गिरफ्तारी से जुड़े मामले को देखने वाले राजनयिक सुरक्षा सेवा एजेंट मार्क स्मिथ ने मामले में ‘‘गंभीर’’ गड़बड़ी की, क्योंकि उसने भारतीय राजनयिक द्वारा अमेरिकी अधिकारियों को उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों से देवयानी की घरेलू सहायिका की तनख्वाह का अनुमान लगाने में भूल की।

अरशाक ने कहा कि स्मिथ ने ‘‘गलती और दुर्भाग्यूपर्ण ढंग’’ से यह निष्कर्ष निकाल लिया कि देवयानी द्वारा जमा कराए गए डीएस-160 आवेदन फॉर्म में मासिक वेतन के रूप में दशाई गई 4,500 अमेरिकी डॉलर की राशि संगीता रिचर्ड का वेतन है।

देवयानी के वकील ने उल्लेख किया कि 4,500 डॉलर देवयानी का मासिक वेतन है, न कि उनकी घरेलू सहायिका संगीता रिचर्ड का। उन्होंने कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि जांच और देवयानी खोबरागड़े की गिरफ्तारी के मामले को देखने वाले तथा इस मामले में औपचारिक शिकायत के सही होने की शपथ लेने वाले राजनयिक सुरक्षा सेवा एजेंट मार्क स्मिथ ने डीएस-160 फॉर्म को पढऩे में सामान्य गलती की, जो घरेलू सहायिका के वीजा आवेदन के समर्थन में था।’’

उन्होंने कहा कि देवयानी द्वारा जमा कराए गए वीजा दस्तावेजों से यह स्पष्ट है कि वह संगीता रिचर्ड को अपने और उसके बीच हुए करार के तहत हर महीने 1,560 अमेरिकी डॉलर का वेतन देने के लिए पर्याप्त राशि कमाती थीं। यह ब्यौरा ए-3 वीजा के लिए संगीता रिचर्ड के आवेदन के संबंध में अमेरिकी दूतावास को भी जमा कराया गया था। ए-3 वीजा अमेरिका आने वाले निजी कर्मियों और राजनयिकों के नौकरों के लिए जरूरी है।

गौरतलब है कि देवयानी (39) को 12 दिसंबर को अपनी घरेलू सहायिका संगीता रिचर्ड के वीजा आवेदन में गलत जानकारी देने के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें बाद में 250,000 डॉलर के मुचलके पर रिहा किया गया था।  इसके बाद यह बात सामने आई कि देवयानी के कपड़े उतरवाकर उनकी तलाशी ली गई तथा उन्हें नशेडिय़ों और अपराधियों के साथ जेल में रखा गया। इससे दोनों देशों के बीच विवाद खड़ा हो गया।
 


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You