मुशर्रफ को करानी पड़ सकती है बाइपास सर्जरी

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Friday, January 03, 2014-11:40 PM

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को एंजियोप्लास्टी या बाइपास सर्जरी करानी पड़ सकती है। यह जानकारी शुक्रवार को मीडिया रिपोर्ट में दी गई है। राजद्रोह के मामले में पेशी के लिए अदालत जाने के लिए निकले पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को रास्ते में दिल की परेशानी होने पर गुरुवार को एक सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। अभी भी वे अस्पताल की सघन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती हैं।

पूर्व राष्ट्रपति की देखरेख करने वाले चिकित्सकों के दल के सूत्रों के हवाले से डॉन आनलाइन ने कहा कि मुशर्रफ के दिल की तीन नसों में रुकावट है और उन्हें या तो एंजियोप्लास्टी या बाइपास कराने की दरकार है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुबई या लंदन में उनके इलाज के विकल्प के बारे में भी विचार किया जा रहा है। राजद्रोह के आरोप का सामना कर रहे पूर्व राष्ट्रपति बुधवार को 10 दिनों के भीतर दूसरी बार विशेष अदालत में हाजिर नहीं हो सके थे। अदालत के कड़ा रुख अख्तियार करने के बाद गुरुवार को जब उन्हें अदालत ले जाया जा रहा था, उसी दौरान रास्ते में उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की। उन्हें तुरंत रावलपिंडी स्थित आम्र्ड फोर्सेज इंस्टीट्यूट ऑफ काडियोलॉजी (एएफआईसी) ले जाया गया।

इससे पहले मुशर्रफ के वकील अहमद रजा कसूरी ने कहा कि पूर्व सैनिक तानाशाह का अस्पताल के आईसीयू में इलाज चल रहा है। कसूरी ने कहा कि उनकी वैधानिक टीम पांच जनवरी तक मेडिकल रिपोर्ट हासिल कर लेगी। रिपोर्ट विशेष अदालत के समक्ष पेश की जाएगी। डॉन के मुताबिक, मुशर्रफ अत्यधिक मानसिक दबाव में हैं जिससे वे बीमार हुए हैं और उनके सीने में दर्द हुआ। उन्हें अभी रक्त पतला करने संबंधी दवाएं दी जा रही हैं।

मुशर्रफ की हालत के बारे में सैनिक संचालित अस्पताल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मीडिया में आई रिपोर्ट के मुताबिक, मुशर्रफ को इलाज के लिए विदेश भेजे जाने के बारे में विचार किया जा रहा है, लेकिन इस बारे में कोई भी फैसला अस्पताल द्वारा चिकित्सकीय रिपोर्ट मुहैया कराने के बाद ही लिया जाएगा। इस बीच इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में शुक्रवार को एक याचिका दायर कर पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को इलाज के लिए विदेश जाने पर रोक लगाने की मांग की गई है।

याची हारुन रशीद ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर गृह मंत्रालय को यह निर्देश देने की मांग की है कि मुशर्रफ के बेहतरीन इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और पूर्व राष्ट्रपति को विदेश जाने की अनुमति नहीं दी जाए। हारुन रशीद इस्लामाबाद की लाल मस्जिद के पूर्व मौलवी गाजी अब्दुल राशिद के बेटे हैं। मुशर्रफ के राष्ट्रपति रहते वर्ष 2007 में हुई एक सुरक्षा कार्रवाई के दौरान गाजी मारे गए थे।

मुशर्रफ का नाम अभी भी उन लोगों की सूची में शामिल है जो सरकार की अनुमति के बगैर विदेश यात्रा पर नहीं जा सकते हैं। एक अदालत बहिर्गमन नियंत्रण (एग्जिट कंट्रोल) सूची से नाम हटाने का अनुरोध ठुकरा चुकी है और इसके लिए उन्हें सरकार से संपर्क साधने की सलाह दी है। लेकिन शिक्षा राज्य मंत्री मोहम्मद बालिघ-उर-रहमान ने शुक्रवार को कहा कि सरकार मुशर्रफ का नाम सूची ने नहीं हटाएगी। संसद भवन के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि अदालत ही पूर्व सैनिक तानाशाह का नाम सूची से हटा सकती है।


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