धूल व गैस के चक्र से होती है नए ग्रहों की रचना

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Monday, January 20, 2014-7:09 PM

न्यूयार्क: क्या आप जानते हैं कि सर्द सुबह में जब आप नींद से जागकर गर्मागरम चाय की चुस्की ले रहे होते हैं, तब दूर अंतरिक्ष में कई नए सितारों की उत्पत्ति हो रही होती है। धूल कण और गैस के नर्मित चक्र से नए ग्रहों की रचना का खुलासा हुआ है। जापान के शोधकर्ताओं की एक टीम के मुताबिक, धूलकण और गैस का घेरा एचडी 142527 नाम के तारे के चारों तरफ बना है, जो 456 प्रकाश वर्ष दूर लुपस नाम के दक्षिणी नक्षत्र में स्थित है।

जापान के ओसाका विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर मिसातो फुकागावा ने कहा, ‘‘उत्तरी क्षेत्र की चमक और चकाचौंध देखकर हम काफी आश्चर्यचकित थे। मैंने अपने जीवन में कभी इतनी चमकीली गांठ नहीं देखी थी।’’ उन्होंने कहा कि इसकी चमक से पता चलता है कि घेरे के उत्तरी हिस्से में सघन क्लटरिंग है। जब पर्याप्त मात्रा में यहां यह चमकीली सामग्री जमा हो जाएगी तो नए चमकीले ग्रह या तारे का निर्माण होगा। फुकागावा की टीम का कहना है कि चट्टानी ग्रह या बृहस्पति के आकार के विशाल ग्रहों का निर्माण ‘एचडी 142527’ तारे के आसपास होता रहा है।


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