अमेरिका की ओर बढ़ रहा है चीन का प्रदूषण

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Tuesday, January 21, 2014-4:57 PM

वाशिंगटन: चीन की कंपनियां मोबाइल फोन, टेलीविजन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने और निर्यात करने में व्यस्त हैं, वहीं साथ ही वायु प्रदूषण अमेरिका में मुफ्त पहुंच रहा है। एक उल्लेखनीय अध्ययन के मुताबिक, अमेरिका और यूरोप को निर्यात किए जाने वाले चीनी सामान के निर्माण से प्रशांत महासागर होते हुए वायु प्रदूषण अमेरिका के पश्चिमी तट पर पहुंच रहा है।

यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, इरविन के एक पृथ्वी व्यवस्था वैज्ञानिक स्टीव डेविस ने कहा, ‘‘हमने विनिर्माण के लिए बाहरी स्रोत से सेवाएं ली हैं, लेकिन उनमें से कुछ प्रदूषण पूरे प्रशांत में वापस उड़ कर आ रहा है। यह पत्र दर्शाता है कि चीनी प्रदूषण किस तरह अन्य देशों की वायु को प्रदूषित कर रहा है।’’ अध्ययन में पहले बताया गया कि चीन के बिजली और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं के निर्माण से अमेरिकी पश्चिमी तट पर कितना प्रदूषण पहुंच रहा है।

अध्ययन के मुताबिक, लॉस एंजेलिस में कम से कम एक दिन ज्यादा धुंध रही जो क्योंकि चीनी फैक्टरियों द्वारा निर्यात के लिए बने समान से नाइट्रोजन ऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड उत्सर्जित होती है। नेशनल अकेडमी ने कहा कि अन्य दिनों की अपेक्षा चीनी निर्यात से जुड़े अमेरिकी पश्चिमी तट पर सल्फेट प्रदूषण एक चौथाई ज्यादा रहा। अध्ययन में जिन संदूषक पदार्थों का पता लगाया है वे सभी मुख्य तौर पर अस्वस्थ काले धुएं और कालिख के महत्वपूर्ण तत्व हैं।

डेविस ने कहा, ‘‘उत्पाद प्रदूषण नहीं करते, लेकिन इनका निर्माण प्रदूषण का कारण है।’’ वेस्टर्ली नाम की वैश्विक हवाएं इन दिनों महासागर में खास तौर से वसंत में हवाई रसायनों पर दबाव डाल सकती हैं, जो संदूषक पदार्थों में खतरनाक प्रसारण का कारण हो सकता है। अध्ययन में कहा गया कि काला कार्बन एक अलग समस्या है। अन्य वायु प्रदूषकों की तरह यह अस्थमा, कैंसर, वातस्फीति, दिल और फेफड़ों जैसी कई बीमारियों से जुड़ा है।
 


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