पाकिस्तानी तालिबान ने वार्ताकारों को दिया संघर्ष विराम का अधिकार

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Friday, February 07, 2014-10:51 PM

इस्लामाबाद: तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने अपने वार्ताकारों को उस स्थिति में जब सरकार सैनिकों की तैनाती रोकने पर सहमत हो जाती है तब संघर्ष विराम पर सहमति जताने के लिए अधिकृत कर दिया है। यह जानकारी सूत्रों ने दी। डॉन ऑन लाइन के मुताबिक, यह अधिकार तालिबान की समिति के समन्वयक मौलाना समीउल हक को दिया गया है। जमात उलेमा-ए-इस्लाम के प्रमुख और टीटीपी की नौ सदस्यीय निगरानी समिति के अगुआ मौलाना समीउल हक को कारी शकील ने एक संदेश में अधिकार दिया है।

शकील ने कहा है कि यदि सरकार टीटीपी नेताओं को रिहा करने पर सहमत हो जाती है तो टीटीपी भी अपहृत किए गए लोगों को छोड़ देगा। टीटीपी ने जिनका अपहरण कर रखा है उनमें इस्लामिया कॉलेज यूनिवर्सिटी के कुलपति अजमल खान, पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के बेटे अली हैदर गिलानी, जल एवं विद्युत विकास प्राधिकार के अधिकारी और फ्रंटियर कांस्टेबुलरी के जवान शामिल हैं।

सूत्रों ने कहा है कि शकील ने तालिबान समिति से कहा है कि यदि सरकार क्षेत्र में सेना की तैनाती रोक देती है तो संघर्ष विराम हो सकता है। शकील ने कहा कि सरकार ने 43 वरिष्ठ तालिबान नेताओं और करीब 800 तालिबान सदस्यों को गिरफ्तार कर रखा है। उन्होंने आगे कहा कि यदि सरकार तालिबान कैदियों को रिहा करती है तो टीटीपी उनलोगों को छोड़ देगा जिन्हें उसने सरकार और सुरक्षा बलों के साथ संपर्क रखने के लिए पकड़ लिया है।


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