मरीन मुद्दे पर भारत को कड़ा संदेश देने की जरूरत: ईयू

  • मरीन मुद्दे पर भारत को कड़ा संदेश देने की जरूरत: ईयू
You Are HereInternational
Tuesday, February 11, 2014-6:33 PM

ब्रूसेल्स: यूरोपीय संघ (ईयू) की विदेश नीति प्रमुख कैथरीन एश्टन ने कहा है कि संघ को भारत को कड़ा संदेश देने की जरूरत है क्योंकि दो भारतीय मछुआरों की हत्या के आरोपी दो इतालवी मरीन पर सुनवाई का समुद्री लूटपाट के खिलाफ यूरोप के संघर्ष पर बहुत बड़ा असर पड़ा है। एश्टन ने कल यहां 18 ईयू देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक के बाद कहा कि मरीन के मामले का न केवल इटली बल्कि समुद्री लूटपाट विरोधी अभियान में लगे सभी देशों पर गहरा असर पड़ा है।

इतालवी संवाद समिति एएनएसए के अनुसार ईयू मंत्रियों से एश्टन ने कहा कि यूरोपीय संघ को नई दिल्ली को कड़ा संदेश देने की जरूरत है क्योंकि यूरोप में समुद्री लूटपाट एवं आतंकवाद के खिलाफ वहां के देशों का संघर्ष दांव पर लग सकता है। एश्टन ने कहा कि इस मामले में भारत द्वारा आतंकवाद निरोधक कानून लगाना अस्वीकार्य है। इतालवी प्रधानमंत्री एनरिका ने भी ट्विटर पर कहा था, ‘‘भारतीय अधिकारियों ने जो आरोप लगाने की मांग की है, वह अस्वीकार्य है। ’’

इससे पहले भारतीय अधिकारियों ने कहा था कि इस मामले की जांच करने वाली राष्ट्रीय जांच एजेंसी इतालवी मरीन मैस्सिमिलियानो लातोर और सल्वातोर गिरोन के खिलाफ कड़े समुद्री सुरक्षा कानून एसयूवी के तहत मुकदमा चलाने की कोशिश करेगी जिसमें मृत्युदंड का प्रावधान है। हालांकि भारत ने पिछले सप्तह मृत्युदंड की संभावना हटा ली थी लेकिन समुद्री लूटपाट कानून के तहत मुकमदा चलाने पर बल दिया था। इसके तहत उन्हें 10 साल की सजा हो सकता है।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You