अमेरिका ने तोड़े रूस से अपने सैन्य संबंध

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Tuesday, March 04, 2014-2:59 PM

वॉशिंगटन: अमेरिका ने रूस के साथ अपनी सैन्य वार्ताओं और गतिविधियों पर विराम लगाते हुए इसके लिए यूक्रेन में की गई उसकी कार्रवाई को जिम्मेदार बताया है।

पेंटागन के प्रेस सचिव एडमिरल जॉन किर्बी ने कल कहा, ‘‘यूक्रेन में हुए हालिया घटनाक्रम के सिलसिले में हमने अमेरिका और रूस के बीच सैन्य वार्ताओं और गतिविधियों पर विराम लगा दिया है। ’’

किर्बी ने बताया कि इसमें सैन्य अभ्यास, द्विपक्षीय बैठकें, बंदरगाहों के दौरे और नियोजित सम्मेलन शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय स्थिति पर नजर रखे हुए और विदेश मंत्रालय, अपने सहयोगियों, सांझेदारों तथा नाटो के साथ संपर्क बनाए हुए है।

कुछ खबरों में क्षेत्र में पोत की संभावित गतिविधियों की अटकलें लगाए जाने के बारे में किर्बी ने कहा, "यूरोप या भू-मध्य सागर में हमारे सैन्य संरचना में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हमने रूस से यूक्रेन में तनाव घटाने तथा क्रीमिया पहुंची रूसी फौजों को उनके शिविरों में वापस भेजने के लिए बातचीत की जो कि काले सागर में रूसी बेड़े को लेकर हुए करार के लिए जरूरी है।"

पेंटागन के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हमारी नौसेना की इकाइयां नियमित गश्त पर हैं। सहयोगियों और सांझेदारों के साथ क्षेत्र में वह अभ्यास भी जारी हैं, जिनकी योजना पूर्व में बनाई जा चुकी थी।’’ इस बीच, ब्रसेल्स में नाटो के महासचिव ने घोषणा की कि उत्तरी अटलांटिक परिषद आज एक बैठक करेगी, क्योंकि पोलैंड ने ‘‘नाटो की संस्थापक वाशिंगटन संधि’’ के अनुच्छेद 4 पर विचार-विमर्श का आग्रह किया है। उत्तर अटलांटिक परिषद में सभी 28 नाटो सहयोगियों के राजदूत हैं और आज उनकी बैठक होगी।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस संधि के तहत कोई भी सहयोगी उस स्थिति में विचार-विमर्श का आग्रह कर सकता है जब उसे लगे कि उसकी भू-भागीय अखंडता, राजनीतिक स्वतंत्रता या सुरक्षा खतरे में है। नाटो ने कहा ‘‘यूक्रेन में और उसके आस-पास हो रहे घटनाक्रम को पड़ोसी सहयोगी देश खतरे के तौर पर देख रहे हैं और इनका यूरो-अटलांटिक इलाके में सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर प्रभाव होगा।’’
 


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