फुकुशिमा हादसे ने छीना जापानी बच्चों का बचपन

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Monday, March 10, 2014-8:02 PM

कोरियामा (जापान): जापान को पूरी तरह हिला कर रख देने वाली भयंकर सुनामी के कारण फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में हुए रिसाव की वजह से तीन साल बाद भी संयंत्र से 30 किलोमीटर की दूरी पर रहने वाले बच्चे एक अनजान से डर से हर दिन जूझने को मजबूर हैं। उन्हें और उनके माता पिता को हर दिन परमाणु विकिरण का डर सताता रहता है जिसकी वजह से ये बच्चे घर से बाहर नहीं खेल पाते।

परमाणु रिसाव के कारण 30 किलोमीटर के दाये में रहने वाले परिवारों से जगह खाली करा ली गई थी लेकिन खतरे के दायरे के बाहर रहने वाले लोगों की मानसिक उलझन आज भी कम नहीं हुई है। घर से बाहर न खेल पाने की वजह से फुकुशिमा से लगभग 55 किलोमीटर दूर स्थित कोरियामा इलाके के बच्चों की शारीरिक क्षमता तेजी से घटी है।

कोरियामा प्रशासन के एक अधिकारी तोशियाकी याबे ने बताया कि बाहर न खेलने का असर बच्चों में आसानी से देखा जा सकता है। उनकी किसी भी वस्तु को पकड़ने की क्षमता घटी है, दौड़ने की, गेंद फेंकने की शक्ति में कमी है। फुकुशिमा के शिक्षा विभाग ने अपने वार्षिक सर्वेक्षण में पाया है कि फुशिमा के बच्चों का वजन राष्ट्रीय औसत से अधिक है। पांच साल के बच्चों का औसत वजन 500 ग्राम, छह साल के बच्चों का एक किलोग्राम और 11 साल के बच्चों का वजन औसतन तीन किलोग्राम अधिक है।


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