आम नहीं खास है ये भिखारिन

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Friday, March 21, 2014-7:57 PM

जेदाह: आपने सड़कों पर बहुत सारे भिखारियों को भीख मांगते देखा होगा और उनकी हालत देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता हैं कि वह दो समय का खाना भी कितनी मुश्किल से जुटा पाते हैं।

लेकिन जिस भिखारन के बारे में हम आपको बताने वाले हैं, वह कोई आम भिखारिन नहीं है। उसने अपने जीवन के कई दशक गलियों में भीख मांगकर बिताए, लेकिन मरने के बाद उसके पास से 10 लाख डॉलर से ज्यादा सोने के सिक्के, जेवर और रीयल एस्टेट पोर्टफोलियो मिले हैं।

साउदी अरबिया की रहने वाली नेत्रहीन ईशा ने 100 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली और वह पिछले 50 सालों से जेदाह की गलियों में भीख मांग कर गुजारा कर रही थी, लेकिन मौत के बाद उसके पास से 3 मिलियन साउदी रियाल की संपत्ति मिली है। इसमें अल-बालाद में चार बिल्डिंग और 1 मिलियन साउदी रियाल के जेवर व सोने के सिक्के शामिल हैं।

ईशा के साथी ही पले बढ़े अहमद अल-सईदी का कहना है कि ईशा का उनकी मां और बहन के सिवाए कोई रिश्तेदार नहीं था और वह दोनों भी भीख मांग कर गुजारा करती थीं। अल-सईदी ने यह दावा किया है कि ईशा ने उसे अपनी वसीयत दी थी, जिसमें यह लिखा गया है कि उसकी सारी सम्पत्ति गरीबों में बांट दी जाए।

अल-सईदी ने बताया कि ईशा की सम्पत्ति में उसकी मां और बहन की मृत्यु के बाद इजाफा हो गया था। जब उसे पता चला कि ईशा मिलेनियर है तो उसने ईशा से भीख मांगना छोड़ने की सलाह दी, लेकिन उसने इंकार करते कहा कि वह मुश्किल समय के लिए तैयारी कर रही हैं।

दूसरी तरफ  ईशा की प्रॉपर्टी में रह रहे परिवारों ने यह दावा किया है कि ईशा ने कभी उनसे किराया नहीं वसूला, लेकिन अब इस बात का कोई अंदाजा नहीं है कि इन परिवारों को वहां रहने दिया जाएगा या उनसे खाली करने को कहा जाएगा।
 


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