कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए होगा 2000 टन प्याज का आयात

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Thursday, November 23, 2017-12:55 PM

नई दिल्लीः खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि बाजार में प्याज की आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों पर अंकुश रखने के लिए सरकारी उपक्रम एम.एम.टी.सी. 2,000 टन प्याज का आयात करेगी, जबकि नाफेड और एस.एफ.ए.सी. स्थानीय स्तर पर 12,000 टन का खरीद करेगी। उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय ने एक बार फिर से वाणिज्य मंत्रालय को पत्र लिखा है कि प्याज के निर्यात को हतोत्साहित करने के लिए प्याज पर 700 डॉलर प्रति टन का निर्यात आधार मूल्य फिर से लागू करे।

देश के अधिकांश खुदरा बाजार में प्याज की सीमित आपूर्ति के कारण इसकी कीमत बढ़कर 50 से 65 रुपए प्रति किलो हो गई है। पासवान ने कहा, ‘‘हमने नाफेड (भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ) से 10,000 टन की खरीद करने को कहा है और एसएफएसी (लघु कृषक कृषि-व्यवसाय कंसोॢटयम) से सीधे किसानों से 2,000 टन की खरीद करने तथा उपभोक्ता क्षेत्रों में इसे बेचने को कहा है। हमने एमएमटीसी को 2,000 टन का आयात करने को कहा है।’’ अगस्त के महीने से प्याज की कीमतों पर दबाव है, लेकिन वे अब अपने शीर्ष पर हैं और सरकार की हर संभव कोशिश बाजार में इसकी उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित करने की है। निजी व्यापारियों ने जहां पिछले कुछ महीनों में 11,400 टन प्याज का आयात किया है। अब सरकारी एजेंसी एमएमटीसी दो किस्तों में 2,000 टन का आयात करने के लिए जल्द ही निविदा जारी करेगी। उल्लेखनीय है कि देश के कुल प्याज उत्पादन का 40 प्रतिशत हिस्सा खरीफ सत्र से आता है और शेष प्याज रबी मौसम से आता है। इसकी खरीफ फसल का भंडारण नहीं किया जा सकता है। प्याज के प्रमुख उत्पादक राज्यों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, बिहार और गुजरात शामिल हैं। 

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