अटकलों पर विराम लगाते हुए चौथे दिन शुरू हुई ‘खजाने’ की तलाश

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Monday, October 21, 2013-1:05 PM

उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव स्थित डौडिय़ाखेड़ा गांव में कथित खजाने की तलाश का काम रोके जाने की अटकलों पर विराम लगाते हुए जिला प्रशासन ने आज चौथे दिन भी राजा राम राम बख्श सिंह के किले की खुदाई का काम शुरू कराया।

उपजिलाधिकारी विजय शंकर दुबे ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की निगरानी में पूर्वाहन 10 बजे खुदाई का कार्य शुरू कराया।
दुबे ने बताया कि कल तक कुल 102 सेंटीमीटर खुदाई हुई थी। गत 18 अक्तूबर को शुरू हुई खुदाई के पहले दिन 15 सेंटीमीटर, दूसरे दिन 55 सेंटीमीटर तथा तीसरे दिन 32 सेंटीमीटर खुदाई हुई थी।

गौरतलब है कि कल ऐसी अफवाहें उड़ी थीं कि दिन बीतने के साथ खुदाई में सोना मिलने की आशंका की वजह से खुदाई कार्य बंद कराने की तैयारियां की जा रही हैं। राजा राव रामबख्श सिंह के किले में एक हजार टन सोना दबा होने का दावा करने वाले साधु शोभन सरकार की कोशिशों के बाद शुरू हुई खुदाई में क्या मिल रहा है, इस बारे में अधिकारी कुछ भी नहीं बता रहे हैं। वहीं, खुदाई स्थल पर मीडिया का जाना बिल्कुल प्रतिबंधित कर दिया गया है।

बहरहाल, ग्राम प्रधान अजयपाल सिंह ने बताया कि खुदाई में कल एक पुरानी दीवार मिली थी, जिसे सुरक्षित रखने की कोशिश के कारण काम धीमी गति से हुआ था। इस बीच, हजार टन सोने की तलाश में कड़ी सुरक्षा के बीच हो रही खुदाई में कोई मनमाफिक चीज नहीं मिलने से स्थानीय लोगों के आकर्षण में खासी कमी आयी है। पहले दिन जहां खुदाई स्थल के आसपास मेले जैसा माहौल था, वहीं तीसरे और चौथे दिन इक्का-दुक्का लोग ही दिखाई दिए।

वहीं एएसआई रविवार को तीसरे दिन 32 सेंटीमीटर ही खुदाई करवा सकी है। इस तरह अब तक 102 सेंटीमीटर की खुदाई हो पाई है। तीसरे दिन की खुदाई में खजाना होने के प्रमाण तो नहीं मिले, अलबत्ता जमीन के नीचे एक पुरानी दीवार और कुछ खपरैल जरूर मिले हैं।

उन्नाव के अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) शिवेंद्र सिंह ने बताया कि एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) ने रविवार को खुदाई कार्य में 15 मजदूर और 5 सुपरवाइजर लगाए थे, शाम तक 32 सेंटीमीटर खुदाई हो सकी है, इस प्रकार अब तक कुल 102 सेंटीमीटर खुदाई हो पाई है। उधर, एएसआई के एक अधिकारी ने बताया कि खजाना या किसी धातु होने के अभी कोई प्रमाण नहीं मिले, 102 सेंटीमीटर की गहराई में ईंटों से बनी एक पुरानी दीवार और कुछ खपरैल जरूर मिले हैं।


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