20 साल से सीवर लाइन को तरसते लोग

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Friday, October 25, 2013-3:40 PM

नई दिल्ली (सज्जन चौधरी): पूर्वी दिल्ली की गोकलपुर विधानसभा के लोग बीते 10 सालों से सीवर लाइन और साफ पानी के लिए तरस रहे हैं। गोकलपुर में अधिकतर अनधिकृत कालोनियां हैं। 2008 के विधानसभा चुनावों में इस सीट को बहुजन समाज पार्टी ने कांग्रेस की झोली से झटक लिया था। विधानसभा में अगर अनधिकृत कालोनियों की बात की जाए तो करीब छोटी-बड़ी 70 कालोनियां हैं। इन कालोनियों में लोगों के जीवन का स्तर बेहद दयनीय  है। अनुसूचित जाति रिजर्व वाली गोकलपुर सीट में मौजूदा समय में करीब 85 से 90 हजार दलित वोटर रहते हैं।

वर्ष 1998 से 2003 एवं 2003 से 2008 तक सीट पर राज करने वाली कांग्रेस का 2008 के विधानसभा चुनावों में सूपड़ा साफ हो गया। 2008 में कांग्रेस व भाजपा ने अपने प्रत्याशियों को बदलने की जरूरत महसूस नहीं की। 2003 के चुनावों में दूसरे नम्बर पर आई बसपा ने प्रत्याशी बदलने का फैसला लिया। 2008 में बसपा ने इस सीट पर सुरेन्द्र कुमार को चुनावी मैदान में उतारा। सुरेन्द्र कुमार ने कांग्रेस के बलजोर सिंह को 3057 वोटों से शिकस्त देकर दिल्ली विधानसभा चुनाव में बसपा का खाता खोल दिया था।

प्रमुख इलाके-

गोकलपुर गांव (लालडोरा), गोकलपुर पुनर्वास कालोनी, मीत नगर, हर्ष विहार, मंडोली गांव, मंडोली विस्तार, सबोली, सेवा धाम, सबोली गड्डा, प्रताप नगर, शक्ति गार्डन, सुशीला गार्डन, राधा विहार, अमर कालोनी, बैंक कालोनी, राजीव नगर, जीवनपुर, मीत नगर 25 फुटा रोड।


इन मुद्दों पर होंगे चुनाव-


गंभीर समस्या : गोकलपुर रेलवे क्रासिंग पर अंडर पास नहीं होने की वजह से आए दिन हादसे होते रहते हैं। लंबे समय से अंडर पास बनाने की मांग को लेकर स्थानीय लोग प्रयास करते रहे हैं, लेकिन इस मामले को राजनीतिक रंग देकर ठंडे बस्ते में डाला हुआ है। चुनावों की तारीख घोषित होने से कुछ दिन पूर्व ही उत्तर पूर्व लोकसभा सीट से सांसद और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष जयप्रकाश अग्रवाल व स्थानीय कांग्रेसी नेताओं ने अंडरपास के निर्माण के लिये आधारशिला जरूर रख दी।
 

अजब-गजब : गोकलपुर विधानसभा में कोई पार्क नहीं है। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि वर्ष 1993 में भाजपा की सरकार में 100 बीघा में विशाल चिल्ड्रन पार्क के निर्माण को मंजूरी दी थी। लेकिन सरकार बदलने के साथ ही योजना पर भी पानी फिर गया। मौजूदा समय में विधानसभा में कोई पार्क नहीं है। चकबंदी एक्ट 1967 के तहत यहां पर पाक शरणार्थियों को बसाने के लिये भी जमीन दी हुयी है। रोचक बात यह है कि इस विधानसभा के शिकदारपुर, कांछीपुरा गांव, ताहिरपुर और मंडोली गांव के अलावा मौजूदा समय में जी.टी.बी. अस्पताल का एरिया आदि चकंबदी एक्ट 1967 से पहले तेज प्रताप सिंह नाम के शख्स के करीब 5000 एकड़ जमीन अधीन थी।

सीवर लाइन है मुख्य मुद्दा
गोकलपुर विधान सभा में सीवर लाईन एक मुख्य मुद्दा है। यहां की अधिकांश कालोनियों में सीवर न होन के कारण पानी सड़कों पर पानी भरा रहता है। लोगों का कहना है कि कई बार विधायक से शिकायत की, लेकिन विधायक ने उनकी बातें सुनकर भी अनसुनी कर दी।

विपक्ष के वार

विधायक ने क्षेत्र में किसी प्रकार का कोई विकास कार्य नहीं कराया गया। वॉटर लॉगिंग और सीवर की भीषण समस्या बनी हुयी है। हाईटेंशन वॉयर हटाने की योजना हमने अपने कार्यकाल में मंजूर करायी थी। इसके लिये 80 लाख रूपये की राशि भी मंजूर की थी। वॉयर हटाने के लिये क्षेत्रीय लोगों से राशि एकत्र की गयी। क्षेत्रीय सांसद के सहयोग से सबोली फाटक पर हाल्ट बनवाने की मंजूरी दिलवायी गयी है।   
बलजोर सिंह, दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी

विधायक का जवाब

क्षेत्र में 452 करोड़ की लागत की योजनाओं पर काम किया गया है। मेन सीवर लाइन बिछाने के काम की शुरूआत की है। विकास के लिये 100 करोड़ लेकर आए जिसमें से 88 करोड़ खर्च किए गए। मंडोली एक्सटैंशन व हर्ष विहार में दो नए सीनियर सैकेंडरी स्कूल खोले गए। सर्व धर्म व समाज की करीब 13-14 धर्मशाला व चौपाल बनाई गई हैं। पानी की समस्या दूर करने के लिए 60 कालोनियों में विकास कार्य शुरू करवाए। 14 हजार लोगों की पेंशन बनाई। हाईटैंशन वॉयर हटाने का काम किया जा
रहा है।
सुरेन्द्र कुमार, विधायक, बसपा



 

Edited by:Jeta

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