‘मोदी की हिमायत करने वाला यहूदियों का एजेंट’

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Sunday, October 27, 2013-4:23 PM

लखनऊ: आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष मौलाना डा. कल्बे सादिक द्वारा भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के पक्ष में दिये गये बयान पर विभिन्न मुस्लिम संगठनों की तरफ से सख्त नाराजगी जाहिर की गयी है। इस सिलसिले में आल इंडिया सुन्नी उलेमा काउंसिल ने मौलाना सादिक को बोर्ड के उपाध्यक्ष पद से हटाये जाने की मांग बोर्ड के जिम्मेदारों से की है। इस संबंध में कानपुर में काउंसिल के यहां तलाक महल स्थित कार्यालय में एक बैठक भी आयोजित हो चुकी है।

बैठक में मौलाना के बयान को लेकर सख्त गुस्से का इजहार भी किया गया। बैठक की अध्यक्षता कर रहे काउंसिल के महासचिव हाजी मो. सलीस ने कहा कि अगर मौलाना सादिक ने नरेंद्र मोदी को अपनी हिमायत देने का मन बना रखा है तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मोदी की हिमायत तो यहूदी भी कर रहे हैं। ऐसे में मोदी की पैरवी सिर्फ यहूदियों का एजेंट ही कर सकता है। मूवमेंट फॉर मुस्लिम इम्पावरमेंट संस्था के महामंत्री डा. इशरत सिद्दीकी ने कहा कि चुनाव का समय आते ही कुछ धर्मगुरू इस तरह के बयान देकर अपना लाभ उठाने की कोशिश करते हैं। किसी भी मजहबी लीडर के कहने पर मुसलमान चुनावों में उसके पसन्दीदा लीडर को कतई वोट नहीं डालता। ऐसे में मौलाना के भी बयान का कोई असर मुस्लिम मतदाताओं पर नहीं पड़ेगा।

मुसलमान अपने एजेंडे के तहत बेरोजगारी, शिक्षा और इंसाफ को लेकर प्रत्याशी का चुनाव करता है। डा. सिद्दीकी ने कहा कि मौ. सादिक ने दूसरी बार नरेंद्र मोदी की हिमायत में बयान देकर यह जताने की कोशिश की है कि वह मोदी को लेकर जो अपनी भी राय देंगे उसे मुसलमान मान लेंगे, मगर यह किसी भी हाल में संभव नहीं हैं। मुसलमानों की भावनाओं का आदर करते हुए मौलाना सादिक को तत्काल अपना बयान वापस ले लेना चाहिए। यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौलाना के इस्तीफा की मांग को लेकर संगठन की तरफ  जल्द ही बोर्ड के अध्यक्ष को पत्र भेजा जाएगा।
 


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