सड़क दुर्घटनाओं में बिहार, हिमाचल में सर्वाधिक मौतें

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Tuesday, October 29, 2013-4:43 PM

रायपुर: विश्व में मौत का आठवां सबसे बड़ा कारण सड़क दुर्घटना है। यह 15 से 29 वर्ष के युवाओं की मौत का सबसे बड़ा कारण है। भारत में प्रति हजार वाहनों पर मृत्यु की सर्वाधिक दर बिहार और हिमाचल प्रदेश में 1.9 प्रतिशत है। इसके बाद हिमाचल प्रदेश में 1.8, आंध्र प्रदेश और जम्मू एवं कश्मीर में 1.5 प्रतिशत है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार सड़क दुर्घटना दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में महामारी की तरह मौत का कारण बनी है। वर्ष 2010 में इस क्षेत्र में तीन लाख 34 हजार से अधिक व्यक्तियों ने सड़क दुर्घटनाओं में अपने प्राण गंवाए हैं।

ये बातें रविवार को रायपुर के पं. जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय में अस्थि रोग विभाग तथा आर्थोपेडिक एसोशिएशन ऑफ सार्क कंट्रीस (ओएएसएसी) के द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी ‘रोड ट्रैफिक एक्सीडेंट’ में उभरकर सामने आईं। इस आयोजन में देश भर के जाने माने चिकित्सकों ने हिस्सा लिया।

भारत जैसे मध्यम आय वाले देशों में सड़क दुर्घटना में मरने वालों की संख्या औसत से अधिक है। यह प्रति एक लाख में 19.5 प्रतिशत है। निम्न आय वाले देशों में यह संख्या प्रति लाख पर 12.7 प्रतिशत है। सड़क का असुरक्षित तरीके से उपयोग करने वालों में मरने वालों का प्रतिशत दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में लगभग 50 प्रतिशत तक है।

इस क्षेत्र में दो-तिहाई दुर्घटनाएं दुपहिया एवं तिपहिया वाहन के होते हैं तथा वाहन दुर्घटनाओं में मरने वालों की कुल संख्या में से इनमें से एक-तिहाई होते हैं। भारत में प्रति हजार वाहनों में मृत्यु की सर्वाधिक दर बिहार और हिमाचल प्रदेश में 1.9 प्रतिशत है। इसके बाद हिमाचल प्रदेश में 1.8 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश और जम्मू एवं कश्मीर में 1.5 प्रतिशत है।

देश में महाराष्ट्र में पंजीकृत वाहनों की संख्या सर्वाधिक है, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतों की सबसे ज्यादा संख्या तमिलनाडु में 16,175, फिर उत्तर प्रदेश में 15,109, आंध्र प्रदेश में 14,966 और महाराष्ट्र में 13936 है। प्रति सौ दुर्घटनाओं में मरने वालों की सर्वाधिक संख्या नागालैंड में 133.3 है। इसके बाद पंजाब में 75.8 और मिजोरम में 70.0 है।

ओएएसएसी के संस्थापक अध्यक्ष तथा पद्मभूषण से सम्मानित डॉ. पी. एस. मैनी ने बताया कि सार्क देशों में चिकित्सकों ने जब महसूस किया कि सड़क दुर्घटना के घातक दुष्परिणामों के कारण आर्थोपेडिक समस्याओं एवं चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है तो इसके लिए इस संगठन की स्थापना की गई।

ओएएसएसी के निर्वाचित अध्यक्ष तथा अरिहंत चिकित्सालय, इंदौर के चिकित्सा संचालक डॉ. डी. के. तनेजा ने कहा कि सड़क दुर्घटना देश एवं समाज के लिए एक गंभीर खतरा है। हमारे देश में हर मिनट एक वाहन दुर्घटना होती है और प्रति चार मिनट में एक मौत वाहन दुर्घटना के कारण होती है।


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