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गोद लिया बेटी बनाने के लिए, बना दिया नौकरानी

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Thursday, October 31, 2013-3:09 PM

नई दिल्ली,(मनीषा खत्री): एक गरीब बच्ची के पिता की मौत हो जाने के बाद उसकी देखभाल करने के नाम पर उनके एक रिश्तेदार दंपति ने उसे गोद लेने की इच्छा जताई। बच्ची के लालन-पालन में असमर्थ मां भी बच्ची को गोद देने के लिए सहमत हो गई, परंतु इस बच्ची को गोद लेकर अपनी बेटी बनाने वाले दंपति ने इस बच्ची को अपने घर की नौकरानी बना दिया।

जब एक स्वयंसेवी संस्था को बच्ची के हालात के बारे में पता चला तो उसने बच्ची को इस दंपति के चुंगल से छुड़ा लिया। बाद में ममाला कोर्ट पहुंचा और निचली अदालत ने आदेश दिया कि दंपति से 2.18 लाख रुपए लेकर बच्ची की मां को मुआवजे के तौर पर दे दिया जाए। अब इस आदेश को दंपति ने दिल्ली उच्च न्यायालय में यह कहते हुए चुनौती दी है कि वह तो उनके रिश्तेदार की ही बेटी है। ऐसे में बच्ची व उसकी मां से पूछा जाना चाहिए।

न्यायमूॢत जे.आर. मिढा ने इस मामले में चाइल्ड वैल्फेयर कमेटी, दिल्ली पुलिस और ग्लोबल चाइल्ड होम को नोटिस जारी कर 24 जनवरी 2014 तक इस मामले में जवाब  मांगा है। दरअसल, यह मामला सरिता विहार इलाके का है। याचिका दायर करने वाले दंपति नंदिता नाथ व उसके पति रिंटू नाथ ने बताया है कि उन्होंने अपने एक जानकार से एक बच्ची गोद ली थी।

एक स्वयंसेवी संस्था बटर फ्लाई 29 सितम्बर 2011 को उनके घर आई और उक्त बच्ची को उनके घर से ले गई। संस्था ने उन पर आरोप लगाया कि वे बच्ची से नौकरानी का काम करा रहे थे। इस संस्था की शिकायत पर चाइल्ड वैल्फेयर कमेटी ने बच्ची को ग्लोबल फैमिली होम नामक चाइल्ड होम में भेज दिया। बाद में इसी साल 7 जनवरी को संस्था की रिपोर्ट पर अदालत ने श्रम विभाग को निर्देश दे दिया कि उनसे 2.18 लाख रुपए वसूल कर बच्ची की मां को दे दिए जाएं। इतना ही नहीं, कमेटी ने उनके खिलाफ मुकद्दमा दर्ज करने की सिफारिश पुलिस से की।

कमेटी की शिकायत पर संगम विहार थाना की पुलिस ने उनके खिलाफ मामला तक दर्ज कर लिया, परंतु उन्हें उनका पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने बच्ची से कभी नौकरानी की तरह काम नहीं कराया, इसलिए निचली अदालत के आदेश को खारिज किया जाए।

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