वोट देना है अधिकार, बिन कारण न करें वंचित : कोर्ट

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Saturday, November 02, 2013-12:18 PM

नई दिल्ली : वोट देने का अधिकार एक महत्वपूर्ण अधिकार है, इसलिए बिना उचित कारण के किसी को इस अधिकार से वंचित न किया जाए। यह टिप्पणी करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने गोकुलपुरी इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति को राहत देते हुए चुनाव आयोग से कहा है कि उसका नाम मतदाता सूची से हटाना गलत था।

न्यायमूर्ति वी.के.जैन ने कहा कि अगर निर्वाचन अधिकारी चाहे तो इस मामले में याचिकाकत्र्ता राम नरेश त्यागी को उसका पक्ष रखने का मौका देकर इस मामले में फिर से उचित आदेश पास कर सकता है। न्यायालय ने कहा कि नियमों के अनुसार अगर किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटाया जाता है तो ऐसा करने से पहले उस मतदाता को उसका पक्ष रखने का मौका दिया जाना जरूरी है। लेकिन राम नरेश को यह मौका नहीं दिया गया।

 वहीं न्यायालय ने उस दलील को भी अस्वीकार कर दिया कि याचिकाकत्र्ता ने यह याचिका दायर करने में देरी की है। न्यायालय ने कहा कि इससे पहले उसकी इलाके के एक अन्य मतदाता ने याचिका दायर की थी और उसकी याचिका पर न्यायालय ने उसे 25 सितम्बर 2009 को राहत दे दी थी। इतना ही नहीं उसके साथ अन्य 841 मतदाताओं के नाम पर भी विचार किया जाना था।

ऐसे में राम नरेश को लगा कि उसका नाम अपने आप की शामिल कर लिया जाएगा। राम नरेश ने एक याचिका दायर कर बताया कि वह गोकुलपुरी इलाके में रहता है। उसे मार्च 2009 में पता चला कि उसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। ऐसा करने के लिए उसे उसका पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया। ऐसे में चुनाव आयोग उसका नाम फिर से सूची में
शामिल करे।


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