‘फंदे पर लटकाने से पहले गिड़गिड़ाने लगा था कसाब’

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Saturday, November 02, 2013-4:25 PM

मुंबई: 26/11 आतंकी हमले के दौरान जिंदा बचा एकमात्र आतंकी अजमल कसाब को पिछले साल फांसी हो चुकी है, लेकिन अब यह तथ्य सामने आ रहा है कि उसने आर्थर रोड जेल में खुदकुशी की कोशिश की थी। अपने अंतिम समय में अपनी जान की भीख भी मांगते हुए वह ऑफिसरों के सामने गिड़गिड़ाने लगा था।

महाराष्ट्र के गृह मंत्री आर. आर. पाटिल ने हमारे सहयोगी अखबार महाराष्ट्र टाइम्स के दिवाली विशेषांक के लिए दिए इंटरव्यू में ये बातें बताई हैं। उन्होंने कहा, कसाब की आदतें विचित्र थीं। वह दिनभर सोता था। गाली-गलौच काफी ज्यादा करता था और बिना किसी कारण के भी हिंसक हो जाता था।

पाटिल ने बताया कि वह अपनी सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को जूडो की कला में महारत होने की नुमाइश करता था। गृहमंत्री ने बताया कि एक बार उसने चादर को फाड़ कर अपना गला घोंटने की भी कोशिश की थी, हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने कपड़ा छीनकर उसे बचा लिया था।
पाटिल ने कहा, जेल अधिकारियों ने उन्हें बताया कि गिरफ्तारी के बाद कसाब ने कभी भी अपने किए पर अफसोस नहीं जताया, लेकिन जब उसे येरवडा जेल में फांसी पर लटकाने के लिए ले जाया जा रहा था तो वह कांपने लगा था। उसके पांव कांपने लगे थे और वह जिंदगी की भीख मांगने लगा था। उसके अंतिम शब्द थे मुझे माफ कर दो, मेरी छोटी बहनें हैं और दोबारा ऐसी गलती नहीं होगी।

कसाब के गुस्से का जिक्र करते हुए पाटिल ने कहा, सेल में ले जाते वक्त वह पुलिस अधिकारियों पर हमला कर देता था और उन्हें कई बार सपोर्टर पहनना पड़ता था। उन्होंने बताया कि कसाब को फांसी पर लटकाए जाने के ऑपरेशन को आपरेशन-एक्स का नाम दिया गया था। गृहमंत्री न कहा कि पूरे ऑपरेशन को गुप्त रखने के लिए कसाब को मुंबई से पुणे ले जाते वक्त इसमें शामिल ऑफिसरों के मोबाइल फोन तक जब्त कर लिए गए थे।


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