रेप और मर्डर केस में मौत की सजा गलत !

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Wednesday, November 06, 2013-1:41 PM

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने किसी अपराधी को मौत की सजा सुनाते वक्त अपराध की स्थिति और अपराधी के चरित्र को ध्यान में रखने की बात का जिक्र किया हैं। कोर्ट ने कहा कि रेप और मर्डर के लिए मौत की सजा नहीं दी जानी चाहिए। न्यायमूर्ति ए. के. पटनायक और न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्रा की खंडपीठ ने रेप और हत्या के एक मामले में राजस्थान हाई कोर्ट से मौत की सजा पा चुके दो अपराधियों को उम्र कैद की सजा दी हैं।

न्यायाधीशों ने दोषी राम निवास और बलवीर को मौत की सजा सुनाने के निचली अदालत के निर्णय को गलत बताते हुए कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 354 (3) के प्रावधान के अनुरूप मौत की सजा सुनाते वक्त विशेष कारणों का जिक्र करते हुए अदालत को अपराध और अपराधी के बारे में ध्यान देना चाहिए। न्यायालय ने कहा कि मृतक से बलात्कार और उसकी हत्या का अपराध क्रूरतापूर्ण था, लेकिन इससे प्रतिवादियों के चरित्र के बारे में ऐसी कोई बात साबित नहीं होती कि उन्हें मौत की सजा दे दी जानी चाहिए।


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