डॉ. हर्षवर्धन का गोयल से अलग रुख, पार्टी परेशान

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Wednesday, November 06, 2013-1:28 PM

नई दिल्ली : एकजुटता दिखाने की कोशिश में जुटी भाजपा के आपसी मतभेद न चाहते हुए बाहर आ रहे हैं। पार्टी के लिए परेशानी का सबब यह है कि ये मतभेद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विजय गोयल व मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार डॉ. हर्षवर्धन के बीच है।

प्रदेश अध्यक्ष बनने से लेकर अब तक गोयल जिस मुद्दे को लेकर लोगों के बीच जाते रहे हैं, डॉ. हर्षवर्धन उन्हीं मुद्दों को महत्वहीन करार दे रहे हैं जिससे पार्टी नेताओं व कार्यकत्र्ताओं की परेशानी बढऩे लगी है क्योंकि उन्हें अब लोगों के बीच दूसरे मुद्दे को लेकर जाना पड़ रहा है जिससे लोग भी खुद को असमंजस की स्थिति में महसूस करने लगे हैं।

गौरतलब है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विजय गोयल अब तक यह कहते रहे हैं कि भाजपा यदि सत्ता में आती है तो राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान हुए घोटालों की फिर से जांच करवाई जाएगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।

वहीं डॉ. हर्षवर्धन ने अलग रुख अख्तियार करते हुए स्पष्ट किया है कि अगर विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा सत्ता में आती है तो वह शीला दीक्षित के शासन के दौरान राष्ट्रमंडल खेल घोटाला और भ्रष्टाचार के अन्य मामलों की जांच का आदेश नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि वह अतीत में झांकने और घोटालों की जांच करवाने के बजाए अपनी उर्जा दिल्ली को आधुनिक शहर बनाने में लगाएंगे।


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