मायावती के लिए इक बंगला बना न्यारा

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Friday, November 08, 2013-12:36 PM

नई दिल्ली (हर्ष कुमार सिंह): अगले साल होने जा रहे आम चुनाव से पहले बनते-बिगड़ते समीकरणों को ध्यान में रखते हुए यूपीए सरकार ने बसपा की प्रमुख मायावती को खुश करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। हाल ही में मायावती को राजधानी के गुरुद्वारा रकाबगंज रोड पर तीन बंगले अलॉट किए गए हैं। खास बात ये है कि इन तीन बंगलों को एक ही यूनिट दिखाकर आवंटित किया गया है। जबकि मायावती के पास बतौर बसपा प्रमुख दिल्ली में एक बंगला पहले से ही है।
 

ब्रिटेन की प्रसिद्ध साइट मेल टुडे की एक रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, तमाम नियम कायदों को ताक पर रखकर ये आवंटन किया गया है। इसमें बताया गया है कि मायावती को तीन बंगले एक ही यूनिट के रूप में आवंटित किए जाने के मामले की जानकारी आरटीआई के तहत मांगी गई एक सूचना से हासिल हुई है।

जाने-माने आरटीआई एक्टिविस्ट सुभाष अग्रवाल ने इस बारे में शहरी विकास मंत्रालय से जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में जो जानकारी मिली है वो काफी चौंकाने वाली है। मायावती को गुरुद्वारा रकाबगंज रोड पर टाइप-8 के ये तीन शानदार बंगले एक जगह मिलाकर अलॉट किए गए हैं और इसकी पूरा प्रक्रिया सीपीडब्लूडी ने संपन्न कराई है। ये बंगले बहुत बड़े हैं और इन्हें केवल केंद्रीय मंत्रियों या सचिवों को ही दिया जा सकता है। 12, 14 और 16 नंबर के इन बंगलों में फ्रंट और बैक लॉन हैं और ये मायावती की बहुजन प्रेरणा ट्रस्ट के नाम आवंटित किए गए हैं।

मायावती को खुश करने के लिए पूरी प्रक्रिया को बहुत ही मजबूत बनाया गया है और इन तीनों बंगलों को एक ही इकाई दिखाते हुए इन्हें म्यूनिसिपल नंबर 14 व 15 देकर कागजी औपचारिकता पूरी कर दी गई है। यहां ये भी जाने लेना जरूरी है कि मायावती के पास बसपा सुप्रीमो की हैसियत से गुरुद्वारा रकाबगंज रोड पर चार नंबर का बंगला पहले से ही है। ये तीन बंगले इससे अलग हैं। माना जा रहा है कि इस मामले में मायावती की च्वॉइस को ध्यान में रखा गया है। 

यहां एक बात और चौंकाने वाली है कि इन बंगलों में अवैध निर्माण भी किए गए हैं। किसी एक ही व्यक्ति को चार सरकारी बंगले अलॉट कर दिए जाना जहां कानूनी तरीके से गलत है वहीं इनमें निर्माण कराया जाना भी सही नहीं ठहराया जा सकता। अधिकारियों का भी कहना है कि इनके अंदर निर्माण की इजाजत नहीं दी जा सकती। इसके बावजूद 14 नंबर में लगभग 200 स्कवायर फीट का बरामदा बना दिया गया है। 12 नंबर में कमरे, आफिस, टॉयलेट, किचन आदि भी बनाए जा रहे हैं।

सुभाष अग्रवाल ने मांग की है कि किसी सरकारी संपत्ति को इस तरह से किसी एक ही व्यक्ति को अलॉट कर दिया जाना और फिर वहां पर अवैध निर्माण कराया जाना गैरकानूनी है और सीपीडब्लूडी अब तक कैसे इससे आंखें मूंदे हुए है? उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। यहां ये जाने लेना है कि मायावती पहले से ही उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के तौर पर जरुरत से ज्यादा संपत्ति रखने के आरोपों में घिरी रही हैं। यूपीए सरकार उन्हें अपने साथ रखकर मुलायम के विकल्प के रूप में तैयार कर रही है। पिछले दिनों सपा के तीसरे मोर्चे की तैयारी में मशगूल हो जाने के बाद मायावती को यूपी में अपने साथ रखने के अलावा कांग्रेस के सामने कोई दूसरा चारा भी नहीं नजर आता है।

Edited by:Jeta

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