लड़ेंगे अकाली, निशान होगा कमल का

  • लड़ेंगे अकाली, निशान होगा कमल का
You Are HereNcr
Friday, November 08, 2013-12:59 PM

नई दिल्ली (सुनील पाण्डेय): शिरोमणि अकाली दल (बादल) अपने चुनाव चिन्ह को लेकर भी आशंकित है। सूत्रों की माने तो पश्चिमी दिल्ली की दोनों सीटों राजौरी गार्डन व हरिनगर पर अकाली दल अपने चुनाव चिन्ह तराजू से लडऩे की तैयारी कर रहा है, जबकि दल शाहदरा और कालकाजी सीट पर भाजपा के चुनाव चिन्ह कमल से लडऩे की तैयारी में है। अंदरखाने योजना भी यही है, लेकिन अभी फैसला होना बाकी है।
शि.अ.द. ने भारतीय जनता पार्टी से उनकी अपनी परंपरागत सीट हरिनगर तो छीन ली, लेकिन अब वहां से किसे उतारे, इसे लेकर बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। इस सीट पर 4 दिग्गजों ने अपनी दावेदारी ठोंक दी है। यही स्थिति पड़ोस की राजौरी गार्डन विधानसभा सीट पर भी है जहां, 4 से 5 दिग्गज मैदान में उतरने के लिए बेताब हैं। दोनों सीटे 50 से 55 प्रतिशत पंजाबी एवं सिख बहुल मानी जाती हैं, यही कारण है कि अकाली दल के नेता मैदान में टिकट के लिए कूद गए हैं। हर नेता अपनी-अपनी गणित बैठाने में जुट गया है।

उम्मीद जताई जा रही है कि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल जल्द प्रत्याशियों के नाम व सिम्बल की सीटों का ऐलान कर देंगे। हालांकि, शिरोमणि अकाली दल का एक धड़ा यह भी चाह रहा है कि इन सीटों के लिए पहले कांग्रेस अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दे, उसके बाद पार्टी अपने कैंडीडेट उतारे, ताकि यह पता चल सके कि उसके सामने मैदान में कौन उतर रहा है।

सूत्रों के मुताबिक राजौरी गार्डन सीट के लिए यूथ अकाली दल के अध्यक्ष एवं दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव मनजिंदर सिंह सिरसा, अवतार सिंह हित, ओंकार सिंह थापर, अमरजीत सिंह पप्पू ने दावेदारी ठोंकी है। अवतार सिंह हित पिछले चुनाव में यहां से महज 46 वोट से हारे थे। पिछले साल हुए निगम चुनाव में भी उन्हें 5 हजार वोट से हार का सामना पड़ा था। मनजिंदर सिंह सिरसा सुखबीर सिंह बादल के पसंदीदा हैं।

तीसरे दावेदार ओंकार सिंह थापर पार्षद रह चुके हैं। चौथी दावेदारी कमेटी के सदस्य अमरजीत सिंह पप्पू की है। पप्पू  दिल्ली कमेटी के अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके के चहेते की श्रेणी में आते हैं। सूत्रों की माने तो भाजपा से छीनी गई हरी नगर सीट पर भी इन्हीं चारों नेताओं ने दावेदारी ठोंकी है। इसके अलावा इस सीट पर 2 और दावेदार भी हैं, जो अंदरखाते हाईकमान के संपर्क में हैं। मजेदार बात यह है कि उक्त चारों नेता हरीनगर की बजाय राजौरी गार्डन को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। इन नेताओं को हरशरण सिंह बल्ली का खतरा सता रहा है। 

 

Edited by:Jeta

विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You