मायावती ने कहा, अकेले लड़ेगी BSP लोकसभा चुनाव

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Saturday, November 09, 2013-5:01 PM

लखनउ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने आज कहा कि उनकी पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव में देश में किसी भी पार्टी से किसी तरह का तालमेल नहीं करेगी और एक-दूसरे को काटने में लगी भाजपा की आडवाणी, मोदी और राजनाथ की तिकड़ी से भी बसपा को काफी चुनावी फायदा मिलेगा।

मायावती ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा ‘‘मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि आगामी लोकसभा चुनाव में हमारी पार्टी पूरे देश में किसी भी पार्टी के साथ समझौता करके चुनाव नहीं लड़ेगी। हमारी पार्टी पूरी तैयारी से अकेले चुनाव लड़ेगी।

उन्होंने कहा ‘‘ऐसी अफवाहें उड़ायी जा रही हंै कि हमारा कांग्रेस या भाजपा से अंदरूनी या बाहरी गठबंधन हो सकता है। ये केवल हवाई बातें हैं, जो सोची-समझी साजिश के तहत फैलायी जा रही हैं। इसका मकसद हमारे लोगों को गुमराह करके बसपा को नुकसान पहुंचाना है।’’

बसपा प्रमुख ने कहा ‘‘उनकी पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव में काफी अच्छा प्रदर्शन करेगी और उत्तर प्रदेश में वह पहले नम्बर पर रहकर सामाजिक परिवर्तन के मिशन में अहम भूमिका निभाएगी। अपना मकसद हासिल करने के लिये हमें भाजपा की आडवाणी, मोदी और राजनाथ की तिकड़ी से भी काफी मदद मिलेगी जो अंदर ही एक-दूसरे को काटने में लगी है ।’’

मायावती ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले बसपा दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और राजस्थान में अपने बलबूते पर चुनाव लड़ रही है। इस चुनाव में बसपा की कोशिश सत्ता का तुरुप बनकर उभरने की है ताकि वह गरीबों और शोषितों के लिये सही नीति बनाने के उद्देश्य से वहां की सरकारों पर दबाव बनाये।  बसपा प्रमुख ने कहा कि इस मकसद में कामयाब होने के लिये ही वह जल्द ही इन चारों राज्यों का दौरा करेंगी। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था तथा शासन के मोर्चे पर पूरी तरह नाकाम उत्तर प्रदेश की सपा सरकार अपने हितों की पूर्ति के लिये भाजपा की मिलीभगत से दंगे करवा रही है।

मायावती ने कहा ‘‘लोकसभा चुनाव का समय जैसे-जैसे नजदीक आता जाएगा, वैसे-वैसे सपा और भाजपा की अंदरूनी मिलीभगत से एक-दूसरे को चुनावी लाभ पहुंचाने के लिये यहां साम्प्रदायिकता का जहर फैलाकर वोटों का धु्रवीकरण करने के लिये यहां का माहौल खराब किया जाएगा। जनता को काफी सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसी स्थिति में मैं आज फिर राज्यपाल से उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश का अनुरोध करती हूं।’’

सपा द्वारा 17 पिछड़ी जातियां को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिये निकाली जा रही रथयात्राओं को ‘छलावा और नाटकबाजी’ करार देते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की यात्राएं निकालने से पहले सपा सरकार को उस अपराध के लिये ओबीसी समाज के माफी मांगनी चाहिये जो उन्होंने पिछली सरकार में शासनादेश जारी करके पिछड़ों को आरक्षण से वंचित करके किया था।

बसपा प्रमुख ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले देश में ऐसा माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है कि कांग्रेस और भाजपा के सिवाय और कोई पार्टी है ही नहीं। सचाई यह है आज कांग्रेस और भाजपा दोनों ही देशवासियों की पहली पसंद नहीं है। आजादी के बाद से ज्यादातर समय इन दोनों ही पार्टियों को परखा गया है और दोनों ने ही जनता को बहुत मायूस किया है।


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