हिरासत में भी नहीं जा रही सांसद वाली ठसक

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Monday, November 11, 2013-1:09 PM

नई दिल्ली (कुमार गजेन्द्र): नौकरानी की हत्या के मामले में पत्नी जागृति के साथ फंसे बसपा सांसद धनंजय सिंह की ठसक पुलिस हिरासत में भी नहीं जा रही है। सांसद अपनी ही स्टाइल में पुलिस के सामने पूछताछ के लिए आते हैं। कई बार पूछताछ के लिए आने वाले अधिकारी का नाम और रैंक तक पूछ लेते हैं। निचले स्तर का अधिकारी अगर उनसे सवाल पूछने की जुर्रत कर ले, तो साब उसे घुड़की देने से भी बाज नहीं आते।

सूत्रों की मानें तो धनंजय रोजाना अपने समय से ही नहाते और कपड़े बदलते हैं, वह भी अपनी पसंद के और एक दम प्रेस किए हुए। आने जाने के लिए भी अपनी गाड़ी का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसा ही हाल उनकी पत्नी और नौकरानी की हत्या करने वाली जागृति का है। पुलिस की मानें तो जागृति को अपने गुस्से पर कंट्रोल नहीं है। वह पूछताछ के दौरान भी कई बार झुंझला जाती है। धनंजय उसे संभालते और समझाते नजर आते हैं। दोनों कई बार अकेला होने पर आपस में बातें भी करते हैं।

दिल्ली पुलिस के एक आला अधिकारी की मानें तो पत्नी से झगड़े और तलाक की बातें सांसद अपने बचाव के लिए कर रहे हैं। उन्हें जानकारी है कि पत्नी जागृति पर सीधे-सीधे नौकरानी राखी को मारने का आरोप है। फिलहाल उसे बचाया जाना आसान नही है। इसलिए धनंजय कानूनी रूप से पहले अपने आपको सेफ करना चाहता है। इसीलिए वह पत्नी से झगड़े और तलाक की बातें कर रहा है। सूत्र बताते हैं कि नौकरानी राखी की मौत हो जाने के बाद आरोपी जागृति ने सबसे पहले धनंजय को फोन कर वारदात की बाबत बताया था, अगर ऐसा था, तो धनंजय को इस वारदात की बाबत तुरन्त पुलिस को सूचना दे देनी चाहिए थी।

धनंजय ने ऐसा नही किया। उसने जागृति को खुद के आने तक का इंतजार करने को कहा। बताया जाता है कि जिस कमरे में जागृति की लाश पड़ी थी, उसे धनंजय के आने तक बंद कर दिया गया था। दिल्ली लौटने पर धनंजय के इशारे पर ही नौकरानी राखी की लाश को उठाकर बंगले के लान में डाला गया था। इसके बाद कमरे से खून को साफ कर दिया गया था। हत्या में इस्तेमाल बेसबॉल के बल्ले को कर दिया गया गायब। यह सब ऑन रिकार्ड है, इसी के चलते पुलिस ने सांसद को सबूत नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

पुलिस नहीं लेगी रिमांड, तिहाड़ जाएंगे सासंद दंपति
बसपा सांसद धनंजय और उनकी पत्नी डा. जागृति को दिल्ली पुलिस सोमवार को पटियाला कोर्ट में पेश कर तिहाड़ भेज सकती है। सोमवार को उनकी पुलिस रिमांड की अवधि खत्म हो जाएगी। वहीं, पुलिस अधिकारी का कहना है कि दोनों को दोबारा रिमांड पर लेने की जरूरत नहीं है। ऐसे मे कोर्ट दोनों को जेल भेज सकती है। डी.सी.पी. नई दिल्ली जिला एस.बी.एस. त्यागी का कहना है कि दोनों से पूछताछ करने और कई अहम सुबूत जुटाने के मकसद से उन्हें 5 दिनों के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया था।

पूछताछ के दौरान कई बार सांसद व उनकी पत्नी जागृति को 175 साउथ एवेन्यू वाले सरकारी आवास पर ले जाया गया। वहां से पुलिस ने वह सभी सामान जब्त कर लिए जिनसे जागृति ने नाबालिग नौकर, नौकरानी मीना और मृतक राखी को मारती पिटती थी। पुलिस ने उस प्रेस को भी बरामद कर लिया है, जिससे जागृति तीनों के पूरे शरीर को दागा करती थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सभी सामान धनंजय के कोठी से बरामद हो चुका है, इसलिए उन्हें जौनपुर ले जाने की जरूरत नहीं पड़ी। चाणक्यपुरी थाने में दोनों से कई बार अलग-अलग पूछताछ कर चुकी है। अब तक सांसद व उनकी पत्नी को पुलिस थाने के अच्छे कमरे में रखा जा रहा था। किंतु सोमवार से उन्हें कैदियों के बीच रहना होगा।

 

Edited by:Jeta

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