इसरो ने मंगल अभियान के तहत कक्षा से बाहर निकलने की अंतिम प्रक्रिया पूरी की

  • इसरो ने मंगल अभियान के तहत कक्षा से बाहर निकलने की अंतिम प्रक्रिया पूरी की
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Saturday, November 16, 2013-11:53 AM

चेन्नई: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने मार्स ऑर्बिटर अंतरिक्ष यान को कक्षा से बाहर निकालने की पांचवीं और अंतिम अंतिम प्रक्रिया को बीती देर रात अंजाम देते हुए इसके दूरस्थ बिंदु (धरती से सबसे दूर का बिंदु) को 1.92 लाख किलोमीटर तक उठा दिया।

इसरो ने बताया कि कक्षा उनन्यन की यह प्रक्रिया बीती देर रात एक बजकर 27 मिनट (भारतीय समयानुसार) पर शुरू हुई और अंतरिक्ष यान को 243.5 सेकंड के बर्न टाइम के साथ दूरस्थ बिंदु को 1,18,642 किलोमीटर से 1,92,874 किलोमीटर पर उठा दिया गया। अंतरिक्ष एजेंसी को अंतरिक्ष यान को कक्षा से बाहर निकालने के लिए पांच प्रक्रियागत अभियानों में चौथे अभियान के बाद एक पूरक अभियान करना पड़ा । इसके साथ ही इस यान के दूरस्थ बिंदु को 1.92 लाख किलोमीटर से अधिक पर उठा दिया है।

इन प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद मंगल अभियान के लिए एक दिसंबर का दिन काफी महत्वपूर्ण होगा, जब रात करीब 12 बजकर 42 मिनट पर इसका परा-मंगल अंत) प्रक्षेपण किया जाएगा। यह यान 10 महीने से अधिक का सफर पूरा कर 24 सितंबर, 2014 को लाल ग्रह की कक्षा में पहुंचेगा। इसरो के पीएसएलवी सी-25 ने 1350 किलोग्राम के मंगलयान (मार्स आर्बिटर) को गत 5 नवंबर को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से दोपहर दो बजकर 38 मिनट पर प्रक्षेपण के करीब 44 मिनट बाद पृथ्वी की कक्षा में भेज दिया था। इसके साथ ही 450 करोड़ रूपए की लागत वाले इस अभियान का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हो गया था।
 


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