अमित शाह फोन टैपिंग मामले में कांग्रेस ने की SC में जांच कराने की मांग

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Sunday, November 17, 2013-6:48 PM

नई दिल्ली: कांग्रेस ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर उनके तत्कालीन गृह मंत्री अमित शाह द्वारा एक युवती की निजता का उल्लंघन करते हुए पुलिस द्वारा उसकी अकारण जासूसी कराने की घटना की उच्चतम न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की है।

अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की चार प्रमुख नेताओं ने आज यहां विशेष प्रेस कांप्रेस आयोजित कर यह मांग की। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता गिरिजा व्यास, जयंती नटराजन, रीता बहुगुणा और वर्तमान महिला कांग्रेस अध्यक्ष शोभा ओझा ने मोदी और शाह को आज आडे हाथ लेते हुए यह मांग की और इससे महिला की निजता और गरिमा का सरासर उल्लंघन बताया।

व्यास ने कहा कि ‘कोबरा पोस्ट’ और ‘गुलेल’ जैसे न्यूज पोर्टल के आडियो टेप्स से दो दिन पहले यह रहस्योद्घाटन हुआ है कि गुजरात पुलिस ने 2009 के अगस्त-सितम्बर में तत्काल गृह मंत्री अमित शाह के कहने पर माधुरी नामक इस युवती की जासूरी की।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार यह बताए कि पेशे से एक वास्तुशिल्प युवती का किन कारणों से और किसके निर्देश पर न केवल गुप्तचर एजेंसी. बल्कि अपराधा शाखा तथा आतंकवादी विरोधी दस्ते से जासूसी कराई गई।

रीता बहुगुणा ने कहा कि पहले तो यह पता नहीं चल पा रहा था कि अमित शाह ने किस ‘साहब’ के लिए यह जासूसी करवाई पर अब जब भाजपा के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने यह बयान देकर खुलासा कर दिया कि युवती के पिता के अनुरोध पर गुजरात के मुख्यमंत्री ने यह जासूसी कराई। इसलिए कोबरा पोस्ट और गुलेल पोर्टल ने जो आडियो टेप जारी किया वे निराधार नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर किसी पिता ने कहा भी है कि इस तरह की जासूसी न केवल गैर कानूनी है, बल्कि राज्य पुलिस का गलत इस्तेमाल और अधिकारों का दुरपयोग है।

जयंती नटराजन ने कहा कि जब दिल्ली के एक पुलिसकर्मी ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली के टेलीफोन के काल्स का पता लगाया था तो संसद में बडा हंगामा हुआ था और तीन दिन तक सदन की कार्यवाही बाधित रही थी। उस मामले में 6 लोग गिरफ्तार भी किए गए थे। इस मामले में भी युवती के फोन काल्स का पता लगाया गया है जो उसकी निजता का उल्लंघन है। इसलिए इस मामले में भी कार्रवाई होनी चाहिए और भारतीय जनता पार्टी इसका जवाब दे।

 इन महिला नेताओं का कहना था कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कैसा सुशासन है जिसमें एक महिला सुरक्षित नहीं रह सकती है। मोदी यह बताएं कि उस युवती की क्यों इस मामले पर चुप क्यों है। क्या उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए क्योंकि 16 दिसम्बर की घटना के बाद बने नए महिला यौन अपराध कानून के तहत किसी महिला का पीछा करना और उनकी निजता का उल्लंघन करना गैरकानूनी है। इसलिए उच्चतम न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश से इसकी जांच होनी चाहिए कि पूरे देश की युवतियां जान सके कि इसके पीछे आखिर सत्य क्या है और एक महिला की स्वतंत्रता तथा गरिमा की रक्षा की जा सके।

कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित इस प्रेस कांफ्रेंस के बाद महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने ‘मोदी हाय हाय’ के नारे भी लगाए।


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