सुरक्षाकर्मियों की तलाश में पुलिस गई जौनपुर

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Sunday, November 17, 2013-4:08 PM

नई दिल्ली  (कुमार गजेन्द्र): बसपा सांसद धनंजय सिंह के खिलाफ रेप के मामले में पुलिस ने सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं। पुलिस की एक टीम सबसे पहले जौनपुर भेजी गई है। पुलिस की यह टीम धनंजय के उन सुरक्षाकर्मियों का ब्यौरा तैयार करेगी, जो महिला से मुलाकात से लेकर रेप किए जाने तक उसके साथ रहा करते थे। सुरक्षाकर्मियों का पूरा रिकार्ड तैयार करने के बाद ही इन पुलिस वालों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।

दिल्ली पुलिस के एक आला अधिकारी के मुताबिक धनंजय सिंह पर कुल 25 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 4 मामले हत्या के हैं। 2002 में धनंजय जौनपुर में राड़ी विभान सभा क्षेत्र से पहली बार विधायक बना था। इसके बाद 2007 में एक बार फिर बसपा के टिकट पर विधायक चुना गया। इस दौरान उनकी सुरक्षा में उत्तर प्रदेश पुलिस का पूरा अमला जमला रहा करता था। इसी दौरान उसकी पहचान पांडव नगर इलाके में रहने वाली पीड़िता के साथ हो गई।

2009 में धनंजय बसपा के टिकट पर सांसद का चुना लड़ा और जीत गया। पीड़ित महिला का आरोप है कि सांसद बनने के बाद भी धनंजय उसके घर पर लगातार आता रहा है। जब वह उसके घर आता था, तो उसके पास दिल्ली और उत्तर प्रदेश के सुरक्षाकर्मी हुआ करते थे। पुलिस इन्हीं सुरक्षाकर्मियों की लिस्ट तैयार करने में जुटी है। पुलिस ने धनंजय  के दोनों मोबाइल फोन की लोकेशन और कॉल डिटेल देने के लिए भी कंपनी को लिखा है।

उधर पीड़ित महिला ने धनंजय पर कुकर्म करने का भी आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि धनंजय ने उसके साथ कई बार कुकर्म भी किया है। इस बात के सामने आने के बाद पुलिस इन आरोपों की सत्यता की जांच करने में जुटी है। पुलिस की ओर से संकेत भी मिले हैं कि इस मामले में जल्दी ही धारा 377 भी जोड़ी जाएगी। महिला ने पुलिस के सामने एक बार फिर दोहराया है कि धनंजय ने उसे जौनपुर इलाके से विधायक बनवाने का लालच दिया था। महिला के आरोपों की तस्दीक होती है, तो पुलिस सांसद धनंजय को अलग मामलों में गिरफ्तार कर सकती है।

सांसद और पत्नी को भेजा दो दिन की रिमांड पर

 नौकरानी की हत्या के मामले में गिरफ्तार बसपा सांसद धनंजय सिंह व उनकी पत्नी डॉक्टर जागृति को दिल्ली की पटियाला हाऊस कोर्ट ने फिर से 2 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। शनिवार को सांसद व उनकी पत्नी को महानगर दंडाधिकारी जसजीत कौर की अदालत में पेश किया गया था।

अदालत ने कहा कि सांसद के घर के सी.सी.टी.वी. की फुटेज में जो लोग दिखाई दे रहे हैं, उनकी पहचान किया जाना जरूरी है। वहीं, दोनों आरोपियों से भी मामले के गवाहों के बयान के अनुसार पूछताछ की जानी है। ऐसे में रिमांड पर भेजा जाना जरूरी है, इसलिए दोनों आरोपियों को 18 नवम्बर तक रिमांड पर भेजा जाता है।

पूर्व में सांसद व उनकी पत्नी की 5 दिन की रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद 11 नवम्बर को न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया गया था। उस समय पुलिस ने कहा था कि डिजीटल विडियो रिकॉर्डर की रिपोर्ट आनी बाकी है, जो रोहिणी स्थित एफ.एस.एल. से आनी है। ऐसे में इस रिपोर्ट के आने के बाद वह फिर से आरोपियों को रिमांड पर ले सकती है। उसके बाद शुक्रवार को अदालत ने पुलिस की मांग पर दोनों आरोपियों के खिलाफ पेशी वारंट जारी किए थे।

शनिवार को पुलिस ने 2 दिन की रिमांड की मांग करते हुए बताया कि सांसद के साऊथ एवेन्यू स्थित घर पर लगे 20 सी.सी.टी.वी. की फुटेज के बारे में आरोपियों से पूछताछ की जानी है। जबकि दोनों आरोपियों के वकील ने कहा कि इनसे पहले ही 5 दिन पूछताछ हो चुकी है। ऐसे में अब रिमांड पर लेने की कोई जरुरत नहीं है। अब अदालत धनंजय की तरफ से दायर जमानत अर्जी पर भी 18 नवम्बर को सुनवाई करेगी। उत्तर प्रदेश के जौनपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद धनंजय सिंह व आर.एम.एल. अस्पताल में डैंटल सर्जन जागृति को 5 नवम्बर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इन दोनों को उनकी 35 वर्षीय नौकरानी राखी की हत्या के मामले में पकड़ा गया है।

 


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