केजरीवाल ने माना अन्ना के अलग होने से कंधे हुए हैं कमजोर

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Monday, November 18, 2013-3:41 PM

नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा चुनाव करीब हैं और ऐसे में आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को अपने कंधों पर जनता की उम्मीदों का बोझ महसूस होने लगा है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि गांधीवादी नेता अन्ना हजारे से अलग होने के बाद उनके कंधे कमजोर हुए हैं ।

आप के संयोजक ने  वीमेन्स प्रेस कोर में संवाददाताओं के साथ बातचीत में अपने कंधों पर जनता की बढ़ती उम्मीदों के बोझ को स्वीकार करते हुए कहा, ‘‘ जनता की आशाएं इतनी अधिक बढ़ गई हैं कि अब डर लगने लगा है।’’

जनता के बीच भाजपा,  कांग्रेस बनाम ‘आप’ की स्थिति पैदा होने की बात स्वीकार करते हुए केजरीवाल ने कहा कि निश्चित रूप से जनता दोनों ही पार्टियों और उनके भ्रष्टाचार से तंग आ चुकी है। ऐसे में आप से जनता की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।
   
उन्होंने कहा हमने यह कभी नहीं कहा कि रातों रात तस्वीर बदल जाएगी। हमारे पास कोई जादू की छड़ी नहंी है लेकिन हमारी नीयत साफ है । हम इसी साफ नीयत के साथ काम में जुटेंगे लेकिन चीजों को दुरूस्त करने में समय लगेगा।


गांधीवादी नेता अन्ना हजारे के नाम का गलत इस्तेमाल किए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने कहीं भी अन्ना हजारे के नाम का दुरूपयोग नहीं किया है। लेकिन जब मैं कहता हूं कि रामलीला मैदान में, जहां अन्ना जी ने आंदोलन किया था।  हम भी उस आंदोलन का हिस्सा थे तो इसमें कुछ गलत नहीं है।  हम अपने आप को उससे काट नही सकते।


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