जेल से भी चुनाव लड़ सकेंगे नेता

  • जेल से भी चुनाव लड़ सकेंगे नेता
You Are HereNational
Wednesday, November 20, 2013-1:01 AM

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने संसद के जन प्रतिनिधित्व कानून में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इस संशोधन में जेल में बंद नेता चुनाव लड़ सकते हैं। लोकसभा ने सितम्बर में जन प्रतिनिधित्व (संशोधन व मान्यकरण) बिल 2013 को करीब 15 मिनट की बहस के बाद पास किया था।

जन प्रतिनिधित्व संशोधन को उच्चतम न्यायालय की मंजूरी मिलने के बाद जेल में बंद नेताओं ने राहत की सांस ली है। जेल में बंद नेता तब तक चुनाव लडऩे के लिए स्वतंत्र हैं, जब तक कोर्ट उन्हें दोषी करार नहीं दे देती। इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने अपने फैसले में कहा था कि जो व्यक्ति वोट देने की स्थिति में नहीं है, उसे चुनाव लडऩे का अधिकार भी नहीं हो सकता। केंद्र सरकार ने इस फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की थी लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था।

न्यायालय ने कहा कि सिर्फ एक मतदाता ही चुनाव लड़ सकता है और पुलिस हिरासत में बंद व्यक्ति को मत देने का अधिकार नहीं होता है। शीर्ष अदालत की इस व्यवस्था को निष्प्रभावी बनाने के लिए संसद ने सितम्बर में जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 62 में संशोधन करके यह व्यवस्था की थी कि जेल में बंद व्यक्ति को भी चुनाव लडऩे का अधिकार है। यह संशोधन उच्चतम न्यायालय के निर्णय की तिथि 10 जुलाई, 2013 से ही प्रभावी हो गया है।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You