कॉलेज के छात्र चुपके से करेंगे कांग्रेस का प्रचार

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Wednesday, November 20, 2013-11:41 AM

नई दिल्ली(ताहिर सिद्दीकी): विधानसभा चुनाव में कांग्रेस लगातार चौथी बार जीत का परचम लहराने के लिए राजनीति के बिसात पर हर मोहरे का इस्तेमाल कर रही है। पार्टी इन दिनों कॉलेज के छात्रों को कांग्रेस के पक्ष में हवा बनाने के लिए एक दिन की ट्रेनिंग दे रही है। ट्रेङ्क्षनग लेकर निकले छात्र अपने इलाके के साथ भीड़-भाड़ वाली जगहों में ग्रुप में खड़े होकर गोपनीय तरीके से कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगे।

कॉलेज छात्रों को एक दिवसीय ट्रेनिंग  मुख्यमंत्री आवास और पार्कों में गोपनीय तरीके से दी जा रही है। इसमें छात्रों को अगले 14 दिन कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने की रणनीति समझाई जा रही है। राजधानी के करीब 30 निजी व सरकारी कॉलेजों के छात्रों को इससे जोड़ा गया है। इन्हें पार्टी के स्थानीय नेताओं के जरिए साधने की कोशिश की जा रही है। अब तक करीब 100 छात्रों को इस विद्या में निपुण किया जा चुका है।

कांग्रेस के प्रचारक बन चुके ये छात्र कांग्रेस की नैया के खेवनहार बन पाएंगे या नहीं यह तो समय ही बताएगा लेकिन पार्टी के नेता आश्वस्त हैं कि ये युवा परम्परागत मतदाताओं को जोड़े रखने और नए मतदाताओं को कांग्रेस के पाले में लाने में अहम साबित होंगे। पिछले 3 विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने इस तरह के हथकंडे नहीं अपनाए थे लेकिन लगातार चौथी बार हर हाल में जीत की लालसा में वह हर तिकड़मबाजी अपना रही है। असल में, विधानसभा चुनावों को अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों का सैमीफाइनल माना जा रहा है। इसमें दिल्ली के स्तर पर कोई चूक न हो इस बात का ख्याल रखा जा रहा है।

पार्ट-टाइम कमाई
कांग्रेस के रणनीतिकारों ने 18 से 25 आयु वर्ग के छात्रों को चुना है। इसमें परम्परागत विषयों से स्नातक व स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे छात्रों के अलावा बी.बी.ए., एम.बी.ए., बी.टैक. व एम.टैक. जैसे पेशेवर शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों को भी शामिल किया गया है। इन छात्रों को एन.एस.यू.आई.ने जोड़ा है। ये छात्र दिल्ली के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इस काम के लिए निर्धारित रकम भी दी जाएगी। कांग्रेस की नीतियों व कार्यक्रमों में इनमें से कई छात्रों को भले ही भरोसा नहीं हो लेकिन पार्ट-टाइम कमाई के चक्कर में उन्हें इस   तरह के प्रचार से जुडऩे में उन्हें परहेज नहीं है।

गोपनीयता पर जोर
रणनीति को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया जा रहा है। इस बात का ख्याल रखा जा रहा है कि किसी को कानों-कान थोड़ी भी भनक न लग सके। ट्रेनिंग का पहला पाठ ही गोपनीयता से शुरू होता है। ट्रेनिंग के दौरान बताया जा रहा है कि 4-5 के ग्रुप में छात्र भीड़-भाड़ वाले समूह में दाखिल होंगे और विभिन्न पार्टियों के कामकाज के बारे में बात करेंगे। इससे पहले दिल्ली में भाजपा की सरकार थी लेकिन विकास के मामले में राजधानी पिछड़ गई। इस बात का ध्यान खासतौर पर रखना है कि पब्लिक को यह न लगे कि वे कांग्रेस के लिए काम कर रहे हैं। पब्लिक को लगे कि कॉलेज के निष्पक्ष छात्रों की बात में दम है।

 


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