मध्यप्रदेश: चुनाव समाप्त, 70 प्रतिशत वोटिंग हुई

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Monday, November 25, 2013-9:27 PM

भोपाल: मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए आज हो रहे मतदान शाम होते-होते 65 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। यह जानकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी जयदीप गोविंद ने यहां दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी जयदीप गोविंद ने संवाददाताओं को बताया है कि राज्य में मतदान के दौरान कुछ स्थानों से उपद्रव की खबरें आई हैं।

 

इनमें भिंड और मुरैना जिले में चार-चार मतदान केंद्रों पर उम्मीदवारों के समर्थकों ने गोलीबारी की है, जबकि मुरैना में एक केंद्र पर वहां तैनात बीएसएफ के जवानों ने गोलीबारी की है। भिंड के लहार में ईवीएम तोड़ी गई। मुरैना के धसटुआ में ईवीएम लूटी गई। सिवनी जिले के मालवापुरा में एक मतदान केंद्र पर कब्जा किया गया।

 

गोविंद के अनुसार राज्य में प्रथम छह घंटों के दौरान अपराह्न 2 बजे तक 43.36 प्रतिशत मतदान हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य में सड़क, बिजली व पानी सहित अन्य समस्याओं को लेकर रतलाम, रायसेन, उमरिया, मुरैना, बैतूल, दमोह, राजगढ़ जिलों में 10 मतदान केंद्रों पर अपराह्न दो बजे तक लोगों ने एक भी वोट नहीं डाले हैं।

 शिवराज सिंह ने डाला वोट

राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंदिर में आज सुबह भगवान की पूजा-अर्चना के बाद बुधनी में अपना वोट डाला। पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राज्य में बीजेपी की ही जीत होगी। शिवराज सिंह ने कहा कि एमपी पिछले 10 सालों में बहुत बदला है। राज्य में 53,946 मतदान केंद्रों में 14,950 मतदान केंद्र संवेदनशील घोषित किए गए हैं।


बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों और पुलिस बलों की व्यवस्था
लगभग ढाई लाख से अधिक सुरक्षा बलों ने शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए लगभग 54 हजार मतदान केन्द्रों को कल शाम ही अपने अधिकार में ले लिया था और मतदान दल भी मतदान केन्द्रों में पहुंच गए थे। नक्सल प्रभावित बालाघाट और सिंगरौली जिलों में हवाई सुरक्षा के इंतजाम किये गये हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी जयदीप गोविन्द शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के संचालन को लेकर मुख्य सचिव एंटोनी डिसा और पुलिस महानिदेशक नंदन दुबे के साथ सतत संपर्क में हैं।

 

राज्य में विधानसभा की 230 सीटें हैं जिनमें से 148 सामान्य, 35 अनुसूचित जाति और 47 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। इन सीटों के लिए कुल 2583 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनमें से राष्ट्रीय पार्टियों के 789 और अन्य राजनीतिक दलों के 709 उम्मीदवार तथा 1091 निर्दलीय हैं। राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा ने सभी 230 सीटों पर, विपक्षी कांग्रेस ने 229, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 227, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने 72, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने 23, माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने आठ सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए हैं। उम्मीदवारो में दो सौ महिलाएं हैं।

 

चुनाव आयोग के आंकडों के अनुसार मतदाताओं की संख्या के हिसाब से सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र इंदौर पांच और सबसे छोटा अनूपपुर जिले का कोतमा है। सर्वाधिक 32 उम्मीदवार भिण्ड जिले की मेहगांव सीट पर हैं जबकि सबसे कम दो उम्मीदवार बडवानी जिले की पानसेमल सीट पर हैं। आयोग ने चुनावों की निगरानी के लिए 230 सामान्य पर्यवेक्षक, सौ व्यय पर्यवेक्षक, 20 पुलिस पर्यवेक्षक और 17 जागरूकता पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। मतदान केन्द्रों की संख्या 53946 है जिनमें 53892 मुख्य एवं 54 अतिरिक्त केन्द्र हैं। चुनाव में कुल 61694 ईवीएम इस्तेमाल की जा रहीं हैं जिनमें 53946 कंट्रोल यूनिट हैं।

 

इनके अलावा 9254 ईवीएम आरक्षित रखी गई हैं जिन्हें किसी स्थान पर मशीन के खराब होने पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। राज्य में कुल चार करोड 66 लाख 31 हजार 759 मतदाता  जिनमें से दो करोड 20 लाख 56 हजार 812 महिलाएं, 970 अन्य, 22 हजार 735 पोस्टल बैलेट और छह प्रवासी भारतीयों के वोट हैं। लगभग डेढ़ दर्जन सीटों पर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक हस्तियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।

 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सीहोर जिले की बुधनी और विदिशा जिले की विदिशा सीट से मैदान में हैं जबकि पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी भोपाल से लगी भोजपुर सीट से पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के भतीजे सुरेन्द्र पटवा के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय मुख्य संगठक महेन्द्र जोशी शुजालपुर, निवर्तमान विधानसभा में विपक्ष के नेता अजय सिंह अपनी पारंपरिक सीट चुरहट, ग्वालियर की भाजपा सांसद यशोधरा राजे शिवपुरी से, भाजपा के सागर से लोकसभा सदस्य भूपेन्द्र सिंह इसी जिले की खुरई सीट से, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी के परिजन आलोक चतुर्वेदी छतरपुर से, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पुत्र जयवर्धन सिंह अपने पिता की पारंपरिक राघौगढ से तथा पूर्व केन्द्रीय मंत्री विक्रम वर्मा की पत्नी नीना वर्मा इस बार भी धार से मैदान में हैं।

 

इनके अलावा प्रदेश में दमदार किसान नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुभाष यादव के पुत्र सचिन यादव कसरावद से, कांग्रेस सांसद प्रेमचंद गुड्डू के पुत्र अजीत बौरासी, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर भोपाल की गोविन्दपुरा सीट से, मंत्री उमाशंकर गुप्ता भोपाल दक्षिण पश्चिम से, कैलाश विजयवर्गीय महू से, अनूप मिश्रा भितरवार से, जयंत मलैया दमोह से, नरोत्तम मिश्रा दतिया से. लक्ष्मीकांत शर्मा सिरोंज से उम्मीदवार हैं। सिवनी, मालवा सीट से भाजपा के दिग्गज सरताज सिंह का कांग्रेस के दिग्गज हजारीलाल रघुवंशी से दिलचस्प मुकाबला है।


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