12 हजार मतदान केंद्रों पर 1.15 करोड़ वोटर

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Monday, November 25, 2013-1:59 PM

नई दिल्ली (रोहित राय): विधानसभा चुनाव के लिए दिल्ली चुनाव आयोग ने दिल्ली में कुल 12,000 मतदान केंद्र बनाने का फैसला किया है। राजधानी में 1 करोड़ 15 लाख मतदाता हैं। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 63,81,003 है और 51,29,490 महिला मतदाता हैं। इसके अलावा 543 किन्नर मतदाता हैं।

4 दिसम्बर को होने जा रहे चुनाव में 18,000 मतदान केंद्रों पर जाकर वोट डालेंगे। आयोग ने मतदान के लिए 18,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ई.वी.एम.) लगाने का निर्णय लिया है। सभी ई.वी.एम. में इस बार ‘नोटा’ (इनमें से कोई नहीं) का भी बटन होगा।  अगर कोई मतदाता किसी भी राजनीतिक पार्टी या दल को वोट नहीं देना चाहता है तो वह ई.वी.एम. में ‘नोटा’ का बटन दबाकर वोट कर सकता है।

पहली बार आयोग ने ई.वी.एम.  में नोटा का बटन उपलब्ध कराया है।  आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में 2,603 स्थानों पर 11,763 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे जिसकी तैयारी अंतिम चरण में है। शांतिपूर्ण और चुनाव के सफल आयोजन के लिए आयोग ने करीब 12,000 कंट्रोल यूनिट भी बनाई है। 4 दिसम्बर को सुबह 8 बजे से मतदान शुरू हो जाएगा और शाम 5 बजे तक वोट डाले जाएंगे।

मतों की गिनती 8 दिसम्बर को होगी और पूरी चुनावी प्रक्रिया 11 दिसम्बर से पहले समाप्त कर ली जाएगी। दिल्ली और केंद्र सरकार के विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों और स्कूलों के शिक्षकों को चुनाव की ड्यूटी में लगाया जाएगा। विधान सभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके और इसके सफल आयोजन के लिए आयोग ने करीब सवा लाख कर्मचारियों को चुनाव की ड्यूटी में लगाने का फैसला किया है।

स्कूल-कॉलेज के 3.5 लाख से ज्यादा छात्र डालेंगे वोट
दिसम्बर में होने जा रहे दिल्ली विधानसभा चुनाव में स्कूल और कॉलेज के साढ़े 3 लाख से ज्यादा छात्र वोट डालेंगे। राजधानी में 18 और 19 साल के 3 लाख 53 हजार 16 मतदाता है जो पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसके अलावा 6 लाख नए मतदाताओं को भी दिल्ली की मतदाता सूची में शामिल किया गया है। दिल्ली चुनाव आयोग की मतदाताओं की संख्या बढ़ाने की मेहनत रंग लाई है और ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब इतनी बड़ी संख्या में नौजवान अपने मत का पहली बार इस्तेमाल करेंगे।

अपने मत का इस्तेमाल करने की उत्सुकता राजधानी के नौजवानों में इस बार साफ-साफ दिखाई दी है। शायद यहीं वजह है कि अगस्त महीने में आयोग के पास नए मतदाता पहचान-पत्र बनाने के लिए 6 लाख से ज्यादा आवेदन पहुंचे थे। कम समय में इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आने से आयोग ने भी चुस्ती दिखाते हुए सभी आवेदनकत्र्ताओं के वोटर आई.डी. कार्ड जारी कर दिए और उनका नाम मतदाता सूची में शामिल कर लिया है। आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक इस साल अगस्त में आयोग के पास कुल 6 लाख 43 आवेदन आए थे और इनमें युवा मतदाताओं के सबसे अधिक आवेदन उत्तर-पश्चिम जिले से मिले।

यहां से आयोग के पास 84, 542 आवेदन पहुंचे। दूसरे नंबर पर दक्षिण-पश्चिम जिला है जहां से 84, 521 लोगों ने वोटर आई.डी. कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया। उधर तीसरे नंबर पर पश्चिम दिल्ली है और यहां से 68 हजार 4 आवेदन मिले। सबसे अधिक आवेदनों वाली विधानसभाओं में मुस्तफाबाद, किराड़ी, बदरपुर, मटियाला, नांगलोई जाट, विकासपुरी, बुराड़ी और ओखला जैसी विधानसभाएं शामिल है। 


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