सरकार और कांग्रेस संगठन में तालमेल कम

  • सरकार और कांग्रेस संगठन में तालमेल कम
You Are HereNcr
Friday, November 29, 2013-3:40 PM

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव सम्पन्न होने में मात्र एक सप्ताह का समय बाकी है लेकिन दिल्ली सरकार और प्रदेश कांग्रेस संगठन के बीच तालमेल का अभी तक अभाव दिखाई दे रहा है। बेशक मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और प्रदेश संगठन के अध्यक्ष जयप्रकाश अग्रवाल चुनाव प्रचार के दौरान मंचों पर मुस्कराते हुए दिखते हैं, लेकिन दोनों नेताओं के बीच कामकाज को लेकर दूरियां लगातार बनी हुई हैं।

बेशक 2 दिन पूर्व शास्त्री पार्क सीलमपुर में सोनिया गांधी की रैली में भीड़ जुटने से नेताओं की लाज बच गई, लेकिन रैली में शामिल लोगों की भीड़ उतनी भी नहीं थी, जितनी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की रैली में शामिल होनी चाहिए थी। सच्चाई  यह है कि रैली की सफलता के लिए तीन सौ से अधिक बसें लगाई गई थी।

यमुनापार से चुनाव मैदान में उतरे सभी 20 विधायकों को अधिक से अधिक लोगों के साथ रैली में पहुंचने को कहा गया था। इतना ही नहीं पार्टी के जिलाध्यक्षों और ब्लाक अध्यक्षों को भी इसके लिए सख्त निर्देश दिये गये थे। लेकिन तैयारी के अनुसार भीड़ फिर नहीं जुट सकी। काफी बसें खाली पहुंची और कुछ में 20-20, 25-25 लोग ही सवार थे। इसमें दोराय नहीं कि सोनिया गांधी की रैली कुछ दिन पहले मंगोलपुरी और दक्षिणपुरी में हुई कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी की दोनों रैलियों की तुलना में ठीक थी।

लेकिन शास्त्री पार्क की रैली में उतनी भीड़ नहीं जुट सकी, जिससे यह कहा जाए कि कांग्रेस अध्यक्ष की रैली में काफी भीड़ थी। कांग्रेस के नेता भी इस बात को स्वीकार करते हैं कि रैली में शामिल होने के लिए प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों, जिला स्तर की कार्यकारिणी और ब्लाक स्तर की कार्यकारणियों को आमंत्रित ही नहीं किया गया।

एक जमाना था कि जब  इंदिरा गांधी के नाम पर रैली में दिल्ली का ऐतिहासिक रामलीला मैदान ठसाठस भर जाता था लेकिन आज महंगाई और भ्रष्टाचार की वजह से आम जनता को बुरी तरह से त्रस्त कर रखा है। ऐसे में कांग्रेस के नेताओं के बीच कलहबाजी होने से चुनाव पर उलटा ही असर पड़ रहा है और यही वजह है कि कांग्रेस की रैलियों में लोगों की कम संख्या देखने को मिल रही है।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You