तेजपाल की बेल पर बहस पूरी, होगी जेल या बेल? फैसला 4.30 बजे

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Saturday, November 30, 2013-4:02 PM

पणजी: गोवा की एक अदालत ने तहलका के प्रधान संपादक तरुण तेजपाल की अग्रिम जमानत पर आदेश शनिवार अपराह्न 4.30 बजे तक के लिए सुरक्षित कर लिया है। तेजपाल की अंतरिम जमानत भी उस समय तक के लिए बढ़ा दी गई है।

उत्तरी गोवा की जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुजा प्रभुदेसाई ने खचाखच भरे न्यायालय कक्ष में दो घंटे तक चली बहस के बाद अपना फैसला सुरक्षित कर लिया और अपनी अंतिम टिप्पणी में कहा कि अग्रिम जमानत केवल ‘‘असाधारण मामलों’’ में दी जाती है। इस दौरा वहां पर तेजपाल, उनकी बहन और पत्नी भी मौजूद थे।

तेजपाल और उनका परिवार न्यायालय कक्ष से बाहर निकल कर जब शहर के होटल की ओर जा रहा था तो एक अज्ञात व्यक्ति ने उनके खिलाफ नारेबाजी की एक काला कपड़ा उनकी ओर फेंका। मगर पुलिस ने उसे काबू में कर लिया और मौके से हटा दिया।

इससे पहले सुबह बचाव पक्ष ने अपने तर्क में कहा कि तेजपाल पूरी तरह जांचकर्ताओं से सहयोग कर रहे हैं और उनसे हिरासत में पूछताछ जरूरी नहीं है।

तेजपाल की वकील गीता लूथरा ने अदालत को बताया कि गोवा पुलिस को तेजपाल की जब तक जरूरत है तब तक वह गोवा में ठहरने और अपना पासपोर्ट तथा सावधि जमा सौंपने को तैयार हैं।

लूथरा ने तेजपाल की ओर से कहा, ‘‘मैंने पेशकश की है कि कोई आरोप पत्र दाखिल होने तक मैं गोवा में रहूंगा। मैं बेंगलुरू में हो सकता हूं। यह अदालत जहां कहेगी मैं वहां जा सकता हूं।’’

लूथरा ने यह भी कहा कि जांच के दौरान तेजपाल मुंबई नहीं जाएंगे, जहां पीड़िता रहती है। उन्होंने कहा कि तेजपाल का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है और इसलिए उनकी अग्रिम जमानत पर विचार किया जाना चाहिए।

विशेष रूप से नियुक्त सरकारी अभियोजक सरेश लोटलिकर ने कहा कि तेजपाल गिरगिट की तरह रंग बदल रहे हैं, लिहाजा जांच पूरी करने के लिए तेजपाल की पुलिस हिरासत जरूरी है।

लोटलिकर ने कहा कि हिरासत में पूछताछ जरूरी है। उन्होंने पीड़िता के बयान की प्रति न्यायाधीश को सौंपी और कहा कि सीसीटीवी फुटेज से साफ है कि पीड़िता के दुष्कर्म के आरोप सही हैं।


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